📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
राजनीति
पंजाब के इंजीनियरों ने सीएम मान से बिजली उत्पादन बढ़ाने का आग्रह
✍️ Amar Ujala · Patiala
🗓 07 सित. 2026, 08:19 PM
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पंजाब के इंजीनियरों ने सीएम मान को लिखा पत्र, राज्य की बढ़ती बिजली आयात और निजी उत्पादन पर निर्भरता को उजागर कर, उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए त्वरित नीति समीक्षा की मांग की।
पंजाब में बिजली की कमी तेज़ी से बढ़ रही है, क्योंकि राज्य अपनी मांग पूरी करने के लिए बाहर से खरीदी गई बिजली और निजी जनरेटरों पर अधिक निर्भर हो रहा है। यह बाहरी आयात राज्य के बजट पर भारी आर्थिक बोझ डाल रहा है।
कई वरिष्ठ इंजीनियरों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक औपचारिक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने राज्य की अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए त्वरित कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नीति में शीघ्र बदलाव न होने पर बिजली की कमी और बढ़ेगी, जिससे घरों और उद्योगों दोनों को नुकसान हो सकता है।
पत्र में यह भी कहा गया कि बाहरी आपूर्ति पर निर्भरता अस्थायी है और पंजाब में थर्मल, जल और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष उपायों की आवश्यकता है। सरकार से उम्मीद है कि ये प्रस्ताव आगामी मंत्रिमंडल बैठक में चर्चा का विषय बनेंगे।
यदि उत्पादन क्षमता को तुरंत बढ़ाया नहीं गया, तो करदाताओं पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा, जिससे अन्य विकास योजनाओं पर असर पड़ सकता है। सभी दर्शा रहे हैं कि सरकार की प्रतिक्रिया पंजाब की ऊर्जा नीति को भविष्य में निर्धारित करेगी।
कई वरिष्ठ इंजीनियरों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक औपचारिक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने राज्य की अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए त्वरित कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नीति में शीघ्र बदलाव न होने पर बिजली की कमी और बढ़ेगी, जिससे घरों और उद्योगों दोनों को नुकसान हो सकता है।
पत्र में यह भी कहा गया कि बाहरी आपूर्ति पर निर्भरता अस्थायी है और पंजाब में थर्मल, जल और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष उपायों की आवश्यकता है। सरकार से उम्मीद है कि ये प्रस्ताव आगामी मंत्रिमंडल बैठक में चर्चा का विषय बनेंगे।
यदि उत्पादन क्षमता को तुरंत बढ़ाया नहीं गया, तो करदाताओं पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा, जिससे अन्य विकास योजनाओं पर असर पड़ सकता है। सभी दर्शा रहे हैं कि सरकार की प्रतिक्रिया पंजाब की ऊर्जा नीति को भविष्य में निर्धारित करेगी।