📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jiří Tondl (Blow up)
अपराध
मिलिटेंट हमले के बाद मणिपुर सीएम के बंगले के बाहर प्रदर्शनकारियों ने शव रखे
✍️ The Times of India
🗓 19 अक्टू. 2026, 06:36 PM
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मिलिटेंट हमले के बाद मणिपुर में प्रदर्शनकारियों ने इम्फाल के सीएम बंगले के बाहर शव रखे, जिससे तनाव बढ़ा।
इम्फाल, मणिपुर में एक समूह ने हाल ही में हुए मिलिटेंट हमले में मारे गए लोगों के शवों को राज्य के मुख्य मंत्री के आधिकारिक बंगले के सामने रख दिया। यह कदम सुरक्षा में चूक को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया, जिसमें कई नागरिक मारे गए और घायल हुए। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
राज्य के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय एक सशस्त्र समूह ने इस हमले को अंजाम दिया, जिसकी पहचान अभी जांच के अधीन है। सुरक्षा एजेंसियों ने मिलिटेंटों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री न. बिरेन सिंह को इस घटना की सूचना दी गई है और वे आज शाम जनता को संबोधित करेंगे।
मानवाधिकार संगठनों ने शवों को इस तरह प्रदर्शित करने की निंदा की है और सरकार से पीड़ितों की गरिमा का सम्मान करने तथा जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। यह घटना मणिपुर में हालिया हिंसक घटनाओं की श्रृंखला में एक नया अध्याय जोड़ती है, जिससे आगामी चुनावों के माहौल में अस्थिरता की आशंकाएँ बढ़ रही हैं।
प्रदर्शन स्थानीय लोगों की निराशा को दर्शाता है, जो मिलिटेंट गतिविधियों के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा न मिलने को लेकर चिंतित हैं। अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने और शांति बहाल करने के लिए समुदाय के सहयोग की अपील की है।
राज्य के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय एक सशस्त्र समूह ने इस हमले को अंजाम दिया, जिसकी पहचान अभी जांच के अधीन है। सुरक्षा एजेंसियों ने मिलिटेंटों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री न. बिरेन सिंह को इस घटना की सूचना दी गई है और वे आज शाम जनता को संबोधित करेंगे।
मानवाधिकार संगठनों ने शवों को इस तरह प्रदर्शित करने की निंदा की है और सरकार से पीड़ितों की गरिमा का सम्मान करने तथा जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। यह घटना मणिपुर में हालिया हिंसक घटनाओं की श्रृंखला में एक नया अध्याय जोड़ती है, जिससे आगामी चुनावों के माहौल में अस्थिरता की आशंकाएँ बढ़ रही हैं।
प्रदर्शन स्थानीय लोगों की निराशा को दर्शाता है, जो मिलिटेंट गतिविधियों के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा न मिलने को लेकर चिंतित हैं। अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने और शांति बहाल करने के लिए समुदाय के सहयोग की अपील की है।