📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Photograph taken by surgeon A. Hill Messinger. Sou
अपराध
कांच के पिंजरे में दशकों से बंद कैदी: कठोर सजा का कारण
✍️ Aaj Tak
🗓 29 अग. 2026, 07:39 PM
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एक भारतीय कैदी दशकों से कांच के पिंजरे में बंद है, 23 घंटे प्रतिदिन पारदर्शी दीवारों के पीछे अलग-थलग। इस सजा की कठोरता और उद्देश्य पर सवाल उठते हैं।
एक भारतीय कैदी ने तीस से अधिक वर्ष कांच के पिंजरे में बिताए हैं, एक ऐसी सजा जिसने उसे आगंतुकों और जेल के बाकी हिस्सों से अलग कर दिया है। यह पिंजरा पारदर्शी है और दिन में 23 घंटे ही खुला रहता है, जिससे कैदी को न्यूनतम संपर्क और जेल परिसर में घूमने की स्वतंत्रता नहीं मिलती। इस असामान्य बंदी व्यवस्था ने मानव‑अधिकार संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है, जो सवाल करते हैं कि क्या यह सजा अपराध के अनुपात में है। अधिकारियों का कहना है कि यह सजा कई हिंसक अपराधों के बाद लागू की गई, परंतु मूल दलील के विवरण कम ही उपलब्ध हैं।