🔥 ट्रेंडिंग इंदौर में 7 से 9 अक्टूबर तक मतदाता सूच... ભરૂચ ખાણ-ખનિજ વિભાગે શુકલતીર્થ, ઝઘડિયા... संग्रामपुर थाना: दुर्गा पूजा पर हाई अल... भाजपा उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा... आइजोल सिविल अस्पताल में मिज़ोरम ने किय... குடியாத்தம் நகராட்சி வளாகத்தில் மலை போ...
06 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
कांच के पिंजरे में दशकों से बंद कैदी: कठोर सजा का कारण
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Photograph taken by surgeon A. Hill Messinger. Sou
अपराध

कांच के पिंजरे में दशकों से बंद कैदी: कठोर सजा का कारण

✍️ Aaj Tak 🗓 29 अग. 2026, 07:39 PM 👁 29
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

एक भारतीय कैदी दशकों से कांच के पिंजरे में बंद है, 23 घंटे प्रतिदिन पारदर्शी दीवारों के पीछे अलग-थलग। इस सजा की कठोरता और उद्देश्य पर सवाल उठते हैं।

एक भारतीय कैदी ने तीस से अधिक वर्ष कांच के पिंजरे में बिताए हैं, एक ऐसी सजा जिसने उसे आगंतुकों और जेल के बाकी हिस्सों से अलग कर दिया है। यह पिंजरा पारदर्शी है और दिन में 23 घंटे ही खुला रहता है, जिससे कैदी को न्यूनतम संपर्क और जेल परिसर में घूमने की स्वतंत्रता नहीं मिलती। इस असामान्य बंदी व्यवस्था ने मानव‑अधिकार संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है, जो सवाल करते हैं कि क्या यह सजा अपराध के अनुपात में है। अधिकारियों का कहना है कि यह सजा कई हिंसक अपराधों के बाद लागू की गई, परंतु मूल दलील के विवरण कम ही उपलब्ध हैं।
📲Get App