📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
प्रधानमंत्री ने 29 अगस्त को मेरठ में नमो भारत पहल का फलग‑ऑफ़ किया
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🗓 30 अग. 2026, 03:47 AM
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29 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री ने मेरठ में नमो भारत पहल का फलग‑ऑफ़ किया, जो स्थानीय उत्पादन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत है।
नई दिल्ली – 29 अगस्त को प्रधानमंत्री ने मेरठ में नमो भारत का फलग‑ऑफ़ किया, जिससे देश भर में स्वदेशी उत्पादन को सुदृढ़ करने और रोजगार सृजन हेतु नई योजना की शुरुआत हुई। यह समारोह शहर के नगरपालिका मैदान में आयोजित हुआ, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय उद्योगपति और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में छोटे‑और मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने, तकनीकी अपनाने को प्रोत्साहित करने और उन्हें बड़े सप्लाई चेन से जोड़ने पर ज़ोर दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढाँचे के उन्नयन और कौशल‑विकास केंद्रों के लिए प्रारंभिक रूप से ₹12,000 करोड़ आवंटित करने की घोषणा की, जिसमें मेरठ को पायलट हब के रूप में चुना गया।
यह लॉन्च सरकार के "मेक इन इंडिया" अभियान के साथ तालमेल रखता है और अगले पाँच वर्षों में लगभग 15 लाख नौकरियों के सृजन की संभावना है, जैसा कि मंत्रालय ने बताया है। राज्य के अधिकारियों ने बताया कि टेक्सटाइल, ऑटोमोटिव कंपोनेंट और एग्रो‑प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो इस क्षेत्र में पहले से ही मजबूत हैं।
स्थानीय उद्यमियों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहते हुए कि आसान ऋण सुविधा और सरलीकृत नियामक प्रक्रियाएँ विस्तार योजनाओं को तेज़ कर सकती हैं। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया, इस अभियान को आत्मनिर्भरता की सामूहिक कोशिश के रूप में प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में छोटे‑और मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने, तकनीकी अपनाने को प्रोत्साहित करने और उन्हें बड़े सप्लाई चेन से जोड़ने पर ज़ोर दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढाँचे के उन्नयन और कौशल‑विकास केंद्रों के लिए प्रारंभिक रूप से ₹12,000 करोड़ आवंटित करने की घोषणा की, जिसमें मेरठ को पायलट हब के रूप में चुना गया।
यह लॉन्च सरकार के "मेक इन इंडिया" अभियान के साथ तालमेल रखता है और अगले पाँच वर्षों में लगभग 15 लाख नौकरियों के सृजन की संभावना है, जैसा कि मंत्रालय ने बताया है। राज्य के अधिकारियों ने बताया कि टेक्सटाइल, ऑटोमोटिव कंपोनेंट और एग्रो‑प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो इस क्षेत्र में पहले से ही मजबूत हैं।
स्थानीय उद्यमियों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहते हुए कि आसान ऋण सुविधा और सरलीकृत नियामक प्रक्रियाएँ विस्तार योजनाओं को तेज़ कर सकती हैं। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया, इस अभियान को आत्मनिर्भरता की सामूहिक कोशिश के रूप में प्रस्तुत किया।