📷 चित्र स्रोत: Hindustan Times (via NewsData)
राजनीति
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने लिखा अपनी यात्रा: दलित छात्र से राष्ट्राध्यक्ष तक का सफर
✍️ Hindustan Times
🗓 13 अग. 2026, 10:39 AM
👁 40
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अपनी नई आत्मकथा प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने दलित छात्र से लेकर राष्ट्राध्यक्ष बनने तक के सफर का वर्णन किया है, जिसमें राजनीतिक अनुभव, वन नेशन वन इलेक्शन दृष्टिकोण और प्रमुख नेताओं के साथ मुलाकातें शामिल हैं।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अपनी नई आत्मकथा प्रकाशित की है, जिसमें उन्होंने दलित छात्र से लेकर राष्ट्राध्यक्ष बनने तक के अपने असाधारण सफर का वर्णन किया है। पुस्तक में उनके प्रारंभिक संघर्ष, राजनीति में प्रवेश और करियर को आकार देने वाले मील के पत्थर का विवरण है।
कोविंद अपने राजनीतिक अनुभवों पर प्रकाश डालते हैं, वन नेशन वन इलेक्शन के महत्व और इसे लागू करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हैं। उन्होंने कई प्रमुख नेताओं के साथ अपनी मुलाकातों का भी उल्लेख किया है, जिन्होंने उनके मार्ग को प्रभावित किया।
भारत के पहले दलित पृष्ठभूमि वाले राष्ट्रपति के रूप में, कोविंद की कहानी सामाजिक गतिशीलता और राजनीतिक दृढ़ता पर एक अनूठा दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। यह आत्मकथा पाठकों को उनके मूल्यों और सिद्धांतों की गहरी झलक देती है।
हालाँकि यह पुस्तक व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है, यह भारतीय राजनीति के बदलते परिदृश्य और समावेशी नेतृत्व के महत्व पर भी प्रकाश डालती है, जो राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में सहायक है।
कोविंद अपने राजनीतिक अनुभवों पर प्रकाश डालते हैं, वन नेशन वन इलेक्शन के महत्व और इसे लागू करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हैं। उन्होंने कई प्रमुख नेताओं के साथ अपनी मुलाकातों का भी उल्लेख किया है, जिन्होंने उनके मार्ग को प्रभावित किया।
भारत के पहले दलित पृष्ठभूमि वाले राष्ट्रपति के रूप में, कोविंद की कहानी सामाजिक गतिशीलता और राजनीतिक दृढ़ता पर एक अनूठा दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। यह आत्मकथा पाठकों को उनके मूल्यों और सिद्धांतों की गहरी झलक देती है।
हालाँकि यह पुस्तक व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है, यह भारतीय राजनीति के बदलते परिदृश्य और समावेशी नेतृत्व के महत्व पर भी प्रकाश डालती है, जो राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में सहायक है।