📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
राजनीति
राष्ट्रपति मुर्मु: माओवादी छोड़ने वाले युवा छत्तीसगढ़ की प्रगति में अग्रसर
✍️ The Times of India
🗓 22 अक्टू. 2026, 08:16 PM
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि माओवादी संगठनों से हटे युवा अब छत्तीसगढ़ के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि माओवादी संगठनों से हटे युवा अब राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई युवा जिन्होंने विद्रोह छोड़ दिया, अब कृषि, छोटे उद्योग और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और कल्याण में सुधार हो रहा है।
यह बयान छत्तीसगढ़ के पुनर्वास योजनाओं और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ जुड़ा है, जो पूर्व विद्रोहियों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन युवाओं की भागीदारी नक्सल आंदोलन के प्रभाव को धीरे‑धीरे कम कर रही है।
मुर्मु ने कहा कि इस गति को बनाए रखने के लिए केंद्र और राज्य दोनों की निरंतर सहायता आवश्यक है। उन्होंने नागरिक समाज और निजी क्षेत्र को अधिक अवसर प्रदान करने का आह्वान किया, जिससे पुनर्संयोजित युवा परिवर्तन के प्रेरक बन सकें।
विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति का यह बयान डी‑रैडिकलाइज़ेशन नीतियों की पुष्टि करता है, जिसका लक्ष्य पूर्व लड़ाकों को उत्पादक नागरिक बनाना है। शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर छत्तीसगढ़ में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित करने की दिशा में काम जारी है।
यह बयान छत्तीसगढ़ के पुनर्वास योजनाओं और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ जुड़ा है, जो पूर्व विद्रोहियों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन युवाओं की भागीदारी नक्सल आंदोलन के प्रभाव को धीरे‑धीरे कम कर रही है।
मुर्मु ने कहा कि इस गति को बनाए रखने के लिए केंद्र और राज्य दोनों की निरंतर सहायता आवश्यक है। उन्होंने नागरिक समाज और निजी क्षेत्र को अधिक अवसर प्रदान करने का आह्वान किया, जिससे पुनर्संयोजित युवा परिवर्तन के प्रेरक बन सकें।
विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति का यह बयान डी‑रैडिकलाइज़ेशन नीतियों की पुष्टि करता है, जिसका लक्ष्य पूर्व लड़ाकों को उत्पादक नागरिक बनाना है। शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर छत्तीसगढ़ में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित करने की दिशा में काम जारी है।