📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Internet Archive Book Images
धर्म
पोप ने बिशप ओरेस्टेस मारेंगो को 'वेरनेबल' घोषित किया, मेघालय को मिला पहला वैटिकन सम्मान
✍️ Hub News
🗓 24 अक्टू. 2026, 11:47 PM
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वेटिकन ने शिलॉन्ग के बिशप ओरेस्टेस मारेंगो को 'वेरनेबल' घोषित किया, जिससे मेघालय को पहला ऐसा सम्मान मिला।
वेटिकन ने घोषणा की है कि शिलॉन्ग के बिशप ओरेस्टेस मारेंगो को 'वेरनेबल' घोषित किया गया है। पोप फ्रांसिस द्वारा जारी यह घोषणा बिशप की वीरता और नैतिक गुणों को मान्यता देती है और मेघालय के किसी भी व्यक्ति को मिला पहला ऐसा वैटिकन सम्मान है।
कैथोलिक धर्मशास्त्र में 'वेरनेबल' का दर्जा संत बनने की प्रक्रिया में दूसरा चरण है, जिसके बाद यदि बिशप के माध्यम से कोई चमत्कार प्रमाणित हो तो बीटिफिकेशन की संभावना बनती है।
शिलॉन्ग के स्थानीय कैथोलिक समुदाय ने इस सम्मान को राज्य के विश्वासियों के लिए गर्व का कारण बताया है। बिशप मारेंगो के आध्यात्मिक कार्य और सामाजिक सेवा को इस क्षेत्र में उनके योगदान के रूप में सराहा गया है।
बिशप ओरेस्टेस मारेंगो ने कई दशकों तक शिलॉन्ग के बिशप के रूप में सेवा की, जिसमें उन्होंने विभिन्न जनजातीय समुदायों के साथ मिलकर शिक्षा और सामाजिक विकास को बढ़ावा दिया। उनका कार्य उत्तरपूर्व भारत में धार्मिक सद्भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण रहा है।
वेटिकन का यह निर्णय भारतीय कैथोलिक पदानुक्रम को औपचारिक रूप से सूचित किया जाएगा, और भविष्य में संतत्व प्रक्रिया के अगले चरणों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कैथोलिक धर्मशास्त्र में 'वेरनेबल' का दर्जा संत बनने की प्रक्रिया में दूसरा चरण है, जिसके बाद यदि बिशप के माध्यम से कोई चमत्कार प्रमाणित हो तो बीटिफिकेशन की संभावना बनती है।
शिलॉन्ग के स्थानीय कैथोलिक समुदाय ने इस सम्मान को राज्य के विश्वासियों के लिए गर्व का कारण बताया है। बिशप मारेंगो के आध्यात्मिक कार्य और सामाजिक सेवा को इस क्षेत्र में उनके योगदान के रूप में सराहा गया है।
बिशप ओरेस्टेस मारेंगो ने कई दशकों तक शिलॉन्ग के बिशप के रूप में सेवा की, जिसमें उन्होंने विभिन्न जनजातीय समुदायों के साथ मिलकर शिक्षा और सामाजिक विकास को बढ़ावा दिया। उनका कार्य उत्तरपूर्व भारत में धार्मिक सद्भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण रहा है।
वेटिकन का यह निर्णय भारतीय कैथोलिक पदानुक्रम को औपचारिक रूप से सूचित किया जाएगा, और भविष्य में संतत्व प्रक्रिया के अगले चरणों के बारे में जानकारी दी जाएगी।