📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Soman
राजनीति
जयपुर में आरसीए चुनाव में दिग्गजों के बेटे भरपूर दावेदारी
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 26 सित. 2026, 06:00 PM
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आरसीए चुनाव में नामांकन के पहले दिन, मंत्री‑विधायकों और सांसदों के पुत्रों ने विभिन्न पदों के लिए दावेदारी दर्ज कराई, जिससे अध्यक्ष पद सहित मुकाबला और रोचक हो गया।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया जयपुर में शुरू हुई और इसमें राजनीतिक दिग्गजों के पुत्रों की बड़ी संख्या शामिल हुई। नामांकन के पहले दिन, वर्तमान मंत्री, विधायकों और सांसदों के बेटे विभिन्न पदों के लिए अपना आवेदन जमा कर चुके हैं।
इन दावेदारों ने विशेषकर अध्यक्ष पद के लिए प्रतिस्पर्धा को कड़ी कर दी है, जहाँ कई प्रमुख उम्मीदवार अब मुकाबले में हैं। यह प्रवृत्ति आरसीए के भीतर शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत देती है, क्योंकि पहले यह संस्था मुख्यतः वरिष्ठ प्रशासकों और पूर्व खिलाड़ियों के हाथों में थी।
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि नामांकन की अवधि अभी जारी है और अंतिम सूची जारी होने से पहले और भी उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक परिवारों के उम्मीदवारों की भागीदारी से अभियान का स्वर और भविष्य की नीतियों पर असर पड़ सकता है।
राज्य के क्रिकेट समुदाय के प्रतिनिधि इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि परिणाम से बुनियादी ढाँचा, फंडिंग और प्रतिभा विकास जैसे मुद्दों पर प्रभाव पड़ेगा।
आरसीए ने अभी तक सभी नामांकितों की पूरी सूची प्रकाशित नहीं की है, पर शुरुआती दावेदारों से पता चलता है कि यह मुकाबला कड़ा रहेगा और खेल‑राजनीति दोनों क्षेत्रों का ध्यान आकर्षित करेगा।
इन दावेदारों ने विशेषकर अध्यक्ष पद के लिए प्रतिस्पर्धा को कड़ी कर दी है, जहाँ कई प्रमुख उम्मीदवार अब मुकाबले में हैं। यह प्रवृत्ति आरसीए के भीतर शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत देती है, क्योंकि पहले यह संस्था मुख्यतः वरिष्ठ प्रशासकों और पूर्व खिलाड़ियों के हाथों में थी।
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि नामांकन की अवधि अभी जारी है और अंतिम सूची जारी होने से पहले और भी उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक परिवारों के उम्मीदवारों की भागीदारी से अभियान का स्वर और भविष्य की नीतियों पर असर पड़ सकता है।
राज्य के क्रिकेट समुदाय के प्रतिनिधि इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि परिणाम से बुनियादी ढाँचा, फंडिंग और प्रतिभा विकास जैसे मुद्दों पर प्रभाव पड़ेगा।
आरसीए ने अभी तक सभी नामांकितों की पूरी सूची प्रकाशित नहीं की है, पर शुरुआती दावेदारों से पता चलता है कि यह मुकाबला कड़ा रहेगा और खेल‑राजनीति दोनों क्षेत्रों का ध्यान आकर्षित करेगा।