📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / करीर at hi.wikipedia
स्वास्थ्य
सागर के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से मौतों की गिनती में 13 से 50 से अधिक तक का अंतर
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 08 सित. 2026, 01:38 PM
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सरकारी आंकड़े और विपक्ष के दावे सागर के बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों की संख्या में बड़े अंतर को उजागर करते हैं, जो 13 से लेकर 50 से अधिक तक है।
मध्य प्रदेश सरकार ने सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब के सेवन से हुई 13 मौतों को आधिकारिक रूप से दर्ज किया है। विपक्षी नेताओं ने कहा है कि वास्तविक आंकड़ा इससे अधिक है, उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों और निवासियों के बयान के आधार पर 27 मौतों का हवाला दिया है।
स्थिति को और जटिल बनाते हुए, कई जमीनी संगठनों और नागरिकों का कहना है कि 50 से अधिक लोगों की मृत्यु इस शराब के कारण हुई हो सकती है, क्योंकि कुछ मौतें अनरजिस्टर्ड रह गई हैं और कई लोग गुम हैं। इस अंतर ने आगामी स्थानीय चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है, दोनों पक्ष पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सटीक मौतों की संख्या स्थापित करने और संदिग्ध शराब के स्रोत की पहचान करने के लिए एक जांच शुरू करने की घोषणा की है। साथ ही, कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संदिग्ध बैचों को जब्त कर विक्रेताओं से पूछताछ शुरू कर दी है।
यह विवाद मध्य भारत में अवैध शराब के नियमन से जुड़ी व्यापक चिंताओं को उजागर करता है, जहाँ समय‑समय पर शराब‑संबंधी मौतों में वृद्धि देखी गई है और कड़ी निगरानी व त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की मांग बढ़ी है।
स्थिति को और जटिल बनाते हुए, कई जमीनी संगठनों और नागरिकों का कहना है कि 50 से अधिक लोगों की मृत्यु इस शराब के कारण हुई हो सकती है, क्योंकि कुछ मौतें अनरजिस्टर्ड रह गई हैं और कई लोग गुम हैं। इस अंतर ने आगामी स्थानीय चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है, दोनों पक्ष पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सटीक मौतों की संख्या स्थापित करने और संदिग्ध शराब के स्रोत की पहचान करने के लिए एक जांच शुरू करने की घोषणा की है। साथ ही, कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संदिग्ध बैचों को जब्त कर विक्रेताओं से पूछताछ शुरू कर दी है।
यह विवाद मध्य भारत में अवैध शराब के नियमन से जुड़ी व्यापक चिंताओं को उजागर करता है, जहाँ समय‑समय पर शराब‑संबंधी मौतों में वृद्धि देखी गई है और कड़ी निगरानी व त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की मांग बढ़ी है।