📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Narendra Modi
राजनीति
पीएम मोदी की ‘नागरिक देवो भव’ योजना: ‘माई‑बाप’ शैली से बदलाव
✍️ economictimes.com
🗓 02 अक्टू. 2026, 07:32 AM
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इकॉनॉमिक टाइम्स ने पीएम मोदी की नई शासन योजना ‘नागरिक देवो भव’ को ‘माई‑बाप’ शैली से बदलाव के रूप में बताया।
इकॉनॉमिक टाइम्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई शासन रूपरेखा पर एक विशेष लेख प्रकाशित किया, जिसमें ‘माई‑बाप’ शैली से ‘नागरिक देवो भव’ के नागरिक‑केंद्रित दृष्टिकोण की ओर बदलाव को रेखांकित किया गया है। यह शब्दावली नागरिकों को नीतियों के निष्पादन में भागीदार मानने की दिशा में एक स्पष्ट परिवर्तन को दर्शाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘नागरिक देवो भव’ सिद्धांत जवाबदेही, पारदर्शिता और सीधे सार्वजनिक सहभागिता पर बल देता है, जिससे मंत्रालयों और राज्य एजेंसियों में सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी। यह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और फीडबैक तंत्र के माध्यम से व्यक्तियों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करता है।
लेख यह संकेत देता है कि यह शासन मॉडल स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में आगामी सुधारों को प्रभावित कर सकता है, और मोदी सरकार के तहत भविष्य की नीतियों के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में कार्य करेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘नागरिक देवो भव’ सिद्धांत जवाबदेही, पारदर्शिता और सीधे सार्वजनिक सहभागिता पर बल देता है, जिससे मंत्रालयों और राज्य एजेंसियों में सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी। यह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और फीडबैक तंत्र के माध्यम से व्यक्तियों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करता है।
लेख यह संकेत देता है कि यह शासन मॉडल स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में आगामी सुधारों को प्रभावित कर सकता है, और मोदी सरकार के तहत भविष्य की नीतियों के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में कार्य करेगा।