📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of the Republic of India
राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में महिला एवं बाल विकास शिखर सम्मेलन में संबोधित किया
✍️ News On AIR
🗓 09 अक्टू. 2026, 08:02 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में महिला एवं बाल विकास शिखर सम्मेलन में अपने भाषण में लिंग समानता और बाल कल्याण के लिए सरकार की योजनाएँ बताएँगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में आयोजित महिला एवं बाल विकास शिखर सम्मेलन में संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन केंद्र सरकार द्वारा आयोजित है, जिसमें नीति‑निर्माता, नागरिक समाज के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ एकत्रित होकर महिलाओं की स्थिति सुधारने और बच्चों के कल्याण के लिए रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री के भाषण में लिंग समानता को बढ़ावा देने, लड़कियों के शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच विस्तारित करने और बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु सरकार की मौजूदा पहलों और भविष्य की योजनाओं को उजागर किया जाएगा। साथ ही सतत विकास लक्ष्यों के तहत महिलाओं और बच्चों से संबंधित कार्यों पर भी प्रकाश डाला जा सकता है।
यह मंच विभिन्न हितधारकों को विचार‑विनिमय, मौजूदा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और नई पहल प्रस्तावित करने का अवसर प्रदान करता है। विशेषज्ञों की अपेक्षा है कि मोदी जी का भाषण इस क्षेत्र में आगामी नीति‑कार्रवाई और बजट आवंटन की दिशा तय करेगा।
सम्मेलन दो दिन तक चलेगा, जिसमें पैनल चर्चा, कार्यशालाएँ और एक समापन सत्र शामिल है, जहाँ मंत्रालयों और साझेदार संगठनों के लिए कार्यात्मक सिफ़ारिशें प्रस्तुत की जाएँगी।
प्रधानमंत्री के भाषण में लिंग समानता को बढ़ावा देने, लड़कियों के शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच विस्तारित करने और बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु सरकार की मौजूदा पहलों और भविष्य की योजनाओं को उजागर किया जाएगा। साथ ही सतत विकास लक्ष्यों के तहत महिलाओं और बच्चों से संबंधित कार्यों पर भी प्रकाश डाला जा सकता है।
यह मंच विभिन्न हितधारकों को विचार‑विनिमय, मौजूदा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और नई पहल प्रस्तावित करने का अवसर प्रदान करता है। विशेषज्ञों की अपेक्षा है कि मोदी जी का भाषण इस क्षेत्र में आगामी नीति‑कार्रवाई और बजट आवंटन की दिशा तय करेगा।
सम्मेलन दो दिन तक चलेगा, जिसमें पैनल चर्चा, कार्यशालाएँ और एक समापन सत्र शामिल है, जहाँ मंत्रालयों और साझेदार संगठनों के लिए कार्यात्मक सिफ़ारिशें प्रस्तुत की जाएँगी।