📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Narendra Modi
राजनीति
पीएम मोदी ने सेवा ज्योति कार्यक्रम में ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प दिया
✍️ The Economic Times
🗓 08 अक्टू. 2026, 04:46 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा ज्योति कार्यक्रम में भारत को 2047 तक विकसित बनाने का संकल्प दोहराया।
सेवा ज्योति कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों, स्वयंसेवकों और नागरिकों के समक्ष भारत को स्वतंत्रता की शताब्दी, 2047 तक विकसित बनाने के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने बुनियादी ढाँचा, डिजिटल सेवाएँ और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति को उजागर किया और इस गति को बनाए रखने के लिए जनता की सक्रिय भागीदारी की अपील की।
मोदी ने कहा कि "विकसित भारत" का सपना समावेशी विकास, प्रौद्योगिकी अपनाने और युवाओं के कौशल विकास पर निर्भर है। उन्होंने राज्य सरकारों, उद्योगपतियों और नागरिक समाज से राष्ट्रीय रोडमैप के साथ अपने प्रयासों को संरेखित करने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि सामूहिक कार्रवाई 2047 लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी है।
भाषण में मौजूदा प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया गया, जो विनिर्माण को बढ़ावा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता को उन्नत करने की दिशा में काम कर रही हैं। नई नीति घोषणा न होने के बावजूद, प्रधानमंत्री के बयानों ने हालिया बजट और नीति दस्तावेजों में रेखांकित दीर्घकालिक रणनीति को सुदृढ़ किया।
विश्लेषकों ने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार को अपने विकासात्मक दृष्टिकोण को पुनः स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है, विशेषकर आगामी चुनावी दौर के संदर्भ में, जिससे 2047 का लक्ष्य मोदी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बना रहता है।
मोदी ने कहा कि "विकसित भारत" का सपना समावेशी विकास, प्रौद्योगिकी अपनाने और युवाओं के कौशल विकास पर निर्भर है। उन्होंने राज्य सरकारों, उद्योगपतियों और नागरिक समाज से राष्ट्रीय रोडमैप के साथ अपने प्रयासों को संरेखित करने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि सामूहिक कार्रवाई 2047 लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी है।
भाषण में मौजूदा प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया गया, जो विनिर्माण को बढ़ावा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता को उन्नत करने की दिशा में काम कर रही हैं। नई नीति घोषणा न होने के बावजूद, प्रधानमंत्री के बयानों ने हालिया बजट और नीति दस्तावेजों में रेखांकित दीर्घकालिक रणनीति को सुदृढ़ किया।
विश्लेषकों ने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार को अपने विकासात्मक दृष्टिकोण को पुनः स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है, विशेषकर आगामी चुनावी दौर के संदर्भ में, जिससे 2047 का लक्ष्य मोदी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बना रहता है।