📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
खेल
पीएम मोदी ने खेलो इंडिया संवाद में ‘स्पोर्टिंग विकसित भारत’ का खाका पेश किया
✍️ Nagaland Post
🗓 28 अग. 2026, 02:35 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया संवाद में खेल‑आधारित विकसित भारत की अपनी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसमें बुनियादी ढाँचा, प्रतिभा विकास और जन भागीदारी पर ज़ोर दिया गया।
खेलो इंडिया संवाद में खेल अधिकारियों, खिलाड़ियों और नीति निर्माताओं की बड़ी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "स्पोर्टिंग विकसित भारत" का विस्तृत खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि खेल को राष्ट्रीय विकास के मूलभूत स्तंभ के रूप में स्थापित करने की सरकार की प्रतिबद्धता है।
मोदी ने बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, जिसमें छोटे‑छोटे शहरों में आधुनिक स्टेडियम और स्कूलों में सुसज्जित खेलमैदान शामिल हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ मिल सकें। उन्होंने व्यवस्थित प्रतिभा पहचान कार्यक्रम, कोचिंग के लिए बढ़ा हुआ वित्त पोषण और एलीट प्रशिक्षण केंद्रों को सुदृढ़ करने हेतु सार्वजनिक‑निजी साझेदारी को प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री ने खेल को व्यापक सामाजिक‑आर्थिक लक्ष्यों से जोड़ा, यह कहा कि नियमित खेल स्वास्थ्य में सुधार, सामाजिक एकता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को बढ़ा सकता है। उन्होंने राज्यों और स्थानीय निकायों से खेलो इंडिया योजना के साथ अपने नीतियों को संरेखित करने का आग्रह किया।
आगे देखते हुए, मोदी ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में जमीनी स्तर के खेलों के लिए बजट आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, साथ ही निजी निवेशकों को खेल अकादमी स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। उनका लक्ष्य स्वस्थ, अनुशासित नागरिकों की पीढ़ी बनाना है, जो समृद्ध राष्ट्र में योगदान दे सके।
संवाद के अंत में, युवा मामलों और खेल मंत्रालय ने प्रगति को मापने योग्य लक्ष्यों के माध्यम से निगरानी करने और "स्पोर्टिंग विकसित भारत" के लक्ष्य को वास्तविक परिणामों में बदलने का संकल्प लिया।
मोदी ने बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, जिसमें छोटे‑छोटे शहरों में आधुनिक स्टेडियम और स्कूलों में सुसज्जित खेलमैदान शामिल हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ मिल सकें। उन्होंने व्यवस्थित प्रतिभा पहचान कार्यक्रम, कोचिंग के लिए बढ़ा हुआ वित्त पोषण और एलीट प्रशिक्षण केंद्रों को सुदृढ़ करने हेतु सार्वजनिक‑निजी साझेदारी को प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री ने खेल को व्यापक सामाजिक‑आर्थिक लक्ष्यों से जोड़ा, यह कहा कि नियमित खेल स्वास्थ्य में सुधार, सामाजिक एकता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को बढ़ा सकता है। उन्होंने राज्यों और स्थानीय निकायों से खेलो इंडिया योजना के साथ अपने नीतियों को संरेखित करने का आग्रह किया।
आगे देखते हुए, मोदी ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में जमीनी स्तर के खेलों के लिए बजट आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, साथ ही निजी निवेशकों को खेल अकादमी स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। उनका लक्ष्य स्वस्थ, अनुशासित नागरिकों की पीढ़ी बनाना है, जो समृद्ध राष्ट्र में योगदान दे सके।
संवाद के अंत में, युवा मामलों और खेल मंत्रालय ने प्रगति को मापने योग्य लक्ष्यों के माध्यम से निगरानी करने और "स्पोर्टिंग विकसित भारत" के लक्ष्य को वास्तविक परिणामों में बदलने का संकल्प लिया।