📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
विदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने उज़्बेकिस्तान‑किर्गिज़स्तान की 4‑दिनीय यात्रा शुरू की
✍️ Asianet Newsable
🗓 29 अग. 2026, 12:48 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज़्बेकिस्तान में 4‑दिनीय यात्रा शुरू की, जिसमें किर्गिज़स्तान भी शामिल है, जिसका उद्देश्य मध्य एशिया में आर्थिक व रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ताशकंद में उतरते ही उज़्बेकिस्तान और किर्गिज़स्तान की चार‑दिनीय राजनयिक यात्रा की शुरुआत की। यह दौरा भारत‑केन्द्र एशिया के पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से किया गया है।
उज़्बेकिस्तान में राष्ट्रपति शावकट मिरज़ियोव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के दौरान कनेक्टिविटी कॉरिडोर, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। दोनों पक्षों द्वारा “सुदृढ़ रणनीतिक साझेदारी” पर संयुक्त घोषणा की उम्मीद है।
इसके बाद यात्रा बिश्केक की ओर बढ़ेगी, जहाँ प्रधानमंत्री राष्ट्रपति सादिर जापरॉव से मुलाकात करेंगे। दोनों ने अफगानिस्तान गलियारे की सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और सांस्कृतिक‑शिक्षा आदान‑प्रदान को बढ़ाने पर विचार किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा भारत की “एक्ट ईस्ट” और “पड़ोसी पहले” नीतियों के तहत चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने का हिस्सा है।
उज़्बेकिस्तान में राष्ट्रपति शावकट मिरज़ियोव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के दौरान कनेक्टिविटी कॉरिडोर, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। दोनों पक्षों द्वारा “सुदृढ़ रणनीतिक साझेदारी” पर संयुक्त घोषणा की उम्मीद है।
इसके बाद यात्रा बिश्केक की ओर बढ़ेगी, जहाँ प्रधानमंत्री राष्ट्रपति सादिर जापरॉव से मुलाकात करेंगे। दोनों ने अफगानिस्तान गलियारे की सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और सांस्कृतिक‑शिक्षा आदान‑प्रदान को बढ़ाने पर विचार किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा भारत की “एक्ट ईस्ट” और “पड़ोसी पहले” नीतियों के तहत चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने का हिस्सा है।