📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
बिज़नेस
पीके मिश्रा: जोखिम‑मूल्य वाली दुनिया में भारत चुन रहा है खुलापन, न कि नाज़ुकपन
✍️ Business Standard
🗓 04 अक्टू. 2026, 06:47 AM
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बिजनेस स्टैंडर्ड के साक्षात्कार में पीके मिश्रा ने कहा कि जोखिम‑मूल्य वाली दुनिया में भारत की रणनीति खुलापन बनाए रखने की है, न कि नाज़ुकता।
पीके मिश्रा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि आज की वैश्विक स्थिति में जोखिम को हर आर्थिक निर्णय में मूल्यांकित किया जा रहा है, और भारत का सबसे प्रभावी उत्तर खुलापन बढ़ाना है, न कि संरक्षणवादी या अलगाववादी कदम उठाना।
इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि खुलापन भारत को बाहरी झटकों से बचाएगा और पूंजी को आकर्षित करेगा, भले ही बाजार अधिक जोखिम‑सचेत हो जाएँ। सीमा शुल्क कम रखकर और नीति ढाँचा स्थिर रखकर भारत विदेशी निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन सकता है।
मिश्रा ने चेतावनी दी कि नाज़ुकता – अनिश्चितता के सामने बंद होने की प्रवृत्ति – विश्वास को कमजोर करेगी और विकास की संभावनाओं को सीमित करेगी। उन्होंने बाजार पहुंच बढ़ाने और संस्थागत लचीलापन मजबूत करने वाले सुधारों को जारी रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, यह संकेत देते हुए कि खुलापन भारत की आर्थिक दृष्टि का मूलभूत स्तंभ बना रहेगा।
इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि खुलापन भारत को बाहरी झटकों से बचाएगा और पूंजी को आकर्षित करेगा, भले ही बाजार अधिक जोखिम‑सचेत हो जाएँ। सीमा शुल्क कम रखकर और नीति ढाँचा स्थिर रखकर भारत विदेशी निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन सकता है।
मिश्रा ने चेतावनी दी कि नाज़ुकता – अनिश्चितता के सामने बंद होने की प्रवृत्ति – विश्वास को कमजोर करेगी और विकास की संभावनाओं को सीमित करेगी। उन्होंने बाजार पहुंच बढ़ाने और संस्थागत लचीलापन मजबूत करने वाले सुधारों को जारी रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, यह संकेत देते हुए कि खुलापन भारत की आर्थिक दृष्टि का मूलभूत स्तंभ बना रहेगा।