📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Palauenc05
बिज़नेस
कच्चे तेल की कीमत में 2% से अधिक उछाल, शहर‑दर‑शहर पेट्रोल‑डिज़ल के दाम अलग
✍️ HDFC Sky
🗓 31 अग. 2026, 12:33 PM
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कच्चे तेल की कीमत में 2% से अधिक बढ़ोतरी के कारण भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल‑डिज़ल के दाम अलग‑अलग हुए हैं।
बाजार निगरानी एजेंसियों के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार कच्चे तेल की कीमत में दो प्रतिशत से थोड़ा अधिक की वृद्धि हुई है, जिसका असर देश भर में खुदरा ईंधन के दामों में असमान रूप से दिख रहा है। मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम में 2‑3 रुपये प्रति लीटर की मामूली बढ़ोतरी हुई है, जबकि चेन्नई और कोलकाता में यह बढ़ोतरी पाँच रुपये तक पहुँच गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस अंतर के पीछे क्षेत्रीय कर संरचनाएँ, डीलर मार्जिन और राज्य सरकारों द्वारा मूल्य संशोधन का समय प्रमुख कारण हैं। जहाँ राज्य स्तर पर एक्साइस ड्यूटी पहले से ही अधिक है, वहाँ कच्चे तेल की अतिरिक्त लागत सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँच रही है, जबकि कम कर वाले राज्यों ने इस बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा खुद उठा लिया है।
इन मूल्य परिवर्तनों के बीच सरकार महंगाई पर नजर रखे हुए है, क्योंकि ईंधन की कीमतों में उतार‑चढ़ाव से घरों की खर्चीली बजट पर दबाव बढ़ रहा है, विशेषकर टियर‑2 और टियर‑3 शहरों में जहाँ सार्वजनिक परिवहन के किराए भी ईंधन पर निर्भर हैं।
उद्योग विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें इस रुझान को जारी रखती हैं, तो अगले कुछ हफ्तों में सभी राज्यों में पेट्रोल‑डिज़ल के दामों में समान वृद्धि देखी जा सकती है, जिससे यात्रियों और लॉजिस्टिक कंपनियों के लिए नीतिगत उपायों की मांग बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस अंतर के पीछे क्षेत्रीय कर संरचनाएँ, डीलर मार्जिन और राज्य सरकारों द्वारा मूल्य संशोधन का समय प्रमुख कारण हैं। जहाँ राज्य स्तर पर एक्साइस ड्यूटी पहले से ही अधिक है, वहाँ कच्चे तेल की अतिरिक्त लागत सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँच रही है, जबकि कम कर वाले राज्यों ने इस बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा खुद उठा लिया है।
इन मूल्य परिवर्तनों के बीच सरकार महंगाई पर नजर रखे हुए है, क्योंकि ईंधन की कीमतों में उतार‑चढ़ाव से घरों की खर्चीली बजट पर दबाव बढ़ रहा है, विशेषकर टियर‑2 और टियर‑3 शहरों में जहाँ सार्वजनिक परिवहन के किराए भी ईंधन पर निर्भर हैं।
उद्योग विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें इस रुझान को जारी रखती हैं, तो अगले कुछ हफ्तों में सभी राज्यों में पेट्रोल‑डिज़ल के दामों में समान वृद्धि देखी जा सकती है, जिससे यात्रियों और लॉजिस्टिक कंपनियों के लिए नीतिगत उपायों की मांग बढ़ेगी।