📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Osheen477
राजनीति
पेंशनरों ने 10 अक्टूबर को संगरूर में सरकार के खिलाफ रैली का ऐलान
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 04 अक्टू. 2026, 02:16 AM
👁 12
पेंशनरों ने 10 अक्टूबर को संगरूर में सरकार से पेंशन संबंधी मांगों को पूरा करने की मांग करते हुए रैली का आयोजन किया है।
संगरूर, पंजाब – पेंशनरों ने 10 अक्टूबर को संगरूर में एक रैली आयोजित करने का इरादा जताया है, जिसमें वे राज्य सरकार से पेंशन संबंधी लंबित मुद्दों को सुलझाने की मांग करेंगे। स्थानीय पेंशनर संघों के वरिष्ठ सदस्यों ने इस प्रदर्शन को पेंशन भुगतान में देरी और मौजूदा योजना की कमी को उजागर करने के लिए कहा है।
आयोजकों ने बताया कि रैली शांति‑पूर्वक होगी, लेकिन सरकार को संवाद के लिए मजबूर करने हेतु दृढ़ता से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस रैली में बड़ी संख्या में पेंशनर भाग लेंगे, जो प्रदेश भर में इस मुद्दे की व्यापक असंतुष्टि को दर्शाता है।
यह रैली पंजाब में सामाजिक कल्याण खर्च और वित्तीय प्राथमिकताओं पर चल रहे बहस के बीच आती है। सरकार ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति को नज़र में रख रहे हैं और पेंशन सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
स्थानीय पुलिस को इस कार्यक्रम की जानकारी दे दी गई है और वे सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों को अपने हक़ जताने की अनुमति देंगे।
संगरूर रैली के परिणामों से पेंशन भुगतान नीति में पुनरावलोकन हो सकता है और यह राज्य के अन्य हिस्सों में समान प्रदर्शन के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
आयोजकों ने बताया कि रैली शांति‑पूर्वक होगी, लेकिन सरकार को संवाद के लिए मजबूर करने हेतु दृढ़ता से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस रैली में बड़ी संख्या में पेंशनर भाग लेंगे, जो प्रदेश भर में इस मुद्दे की व्यापक असंतुष्टि को दर्शाता है।
यह रैली पंजाब में सामाजिक कल्याण खर्च और वित्तीय प्राथमिकताओं पर चल रहे बहस के बीच आती है। सरकार ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति को नज़र में रख रहे हैं और पेंशन सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
स्थानीय पुलिस को इस कार्यक्रम की जानकारी दे दी गई है और वे सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों को अपने हक़ जताने की अनुमति देंगे।
संगरूर रैली के परिणामों से पेंशन भुगतान नीति में पुनरावलोकन हो सकता है और यह राज्य के अन्य हिस्सों में समान प्रदर्शन के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।