📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / India Post, Government of India
नौकरी
पटना हाईकोर्ट ने राज्य आदेश को रद्द कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बिना परीक्षा के एमएसीपी लाभ दिया
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 02 सित. 2026, 10:36 PM
👁 146
पटना हाईकोर्ट ने राज्य के आदेश को रद्द कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को तीसरे एमएसीपी लाभ से वंचित नहीं किया, यह कहा कि विभागीय परीक्षा पास करना वित्तीय लाभ की अनिवार्य शर्त नहीं है।
पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को बिहार सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को तीसरे चरण के एमएसीपी लाभ से वंचित किया गया था। कोर्ट ने कहा कि वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए विभागीय परीक्षा पास करना कानूनी रूप से अस्वीकार्य शर्त है।
विवादित आदेश के तहत यह कहा गया था कि केवल वही कर्मचारी जो विभागीय परीक्षा में सफल होते हैं, उन्हें एमएसीपी योजना के आर्थिक सहायता का अधिकार मिलेगा। कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने इस नियम को अनुचित और पेंशन से संबंधित मौजूदा कानूनों के विरुद्ध मानते हुए चुनौती दी।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि एमएसीपी लाभ सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाला एक वैधानिक अधिकार है, न कि परीक्षा पर आधारित कोई प्रतिस्पर्धी पुरस्कार। इसलिए, सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर परीक्षा पास करने की शर्त लगाना मनमाना माना गया।
इस फैसले से बिहार के सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को तीसरे चरण के एमएसीपी लाभ का अधिकार पुनः प्राप्त होगा, जिससे संभावित रूप से हजारों पूर्व कर्मचारियों को आर्थिक सहायता मिल सकती है। राज्य सरकार को इस निर्णय को तुरंत लागू करने और लाभों का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
विवादित आदेश के तहत यह कहा गया था कि केवल वही कर्मचारी जो विभागीय परीक्षा में सफल होते हैं, उन्हें एमएसीपी योजना के आर्थिक सहायता का अधिकार मिलेगा। कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने इस नियम को अनुचित और पेंशन से संबंधित मौजूदा कानूनों के विरुद्ध मानते हुए चुनौती दी।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि एमएसीपी लाभ सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाला एक वैधानिक अधिकार है, न कि परीक्षा पर आधारित कोई प्रतिस्पर्धी पुरस्कार। इसलिए, सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर परीक्षा पास करने की शर्त लगाना मनमाना माना गया।
इस फैसले से बिहार के सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को तीसरे चरण के एमएसीपी लाभ का अधिकार पुनः प्राप्त होगा, जिससे संभावित रूप से हजारों पूर्व कर्मचारियों को आर्थिक सहायता मिल सकती है। राज्य सरकार को इस निर्णय को तुरंत लागू करने और लाभों का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।