Religion
पितृपक्ष मेले में माहुरी समाज द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क अन्नक्षेत्र का संचालन
गया जी में पितृपक्ष मेले के दौरान माहुरी समाज देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था कर रहा है। यह सेवा माहुरी मंडल भवन, गोसाई बाग में आयोजित की गई है।
गया जी में पितरों की मुक्ति के महापर्व पितृपक्ष मेले के अवसर पर, माहुरी समाज देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में पूरी श्रद्धा एवं समर्पण के साथ जुटा हुआ है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी माहुरी समाज, गया की ओर से तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन (अन्नक्षेत्र) की व्यवस्था की गई है।
यह सेवा शिविर माहुरी मंडल भवन, गोसाई बाग, गुरुद्वारा रोड, गया जी में आयोजित किया जा रहा है। पितृपक्ष मेला की अवधि के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध, सात्विक एवं पौष्टिक भोजन निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
माहुरी समाज की ओर से श्रद्धालुओं से सविनय आग्रह किया गया है कि गया जी में पिंडदान एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के पश्चात इस अन्नप्रसाद शिविर में पधारकर भोजन प्रसाद ग्रहण करें तथा समाज को सेवा करने का अवसर प्रदान करें।
माहुरी समाज का मानना है कि पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों एवं विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना समाज के लिए सौभाग्य और पुण्य का अवसर है। समाज इसी सेवा, सहयोग और श्रद्धा की भावना के साथ अन्नक्षेत्र का संचालन कर रहा है। उनका संदेश है: “अतिथि देवो भवः। पितृ सेवा ही नारायण सेवा है।”
यह सेवा शिविर माहुरी मंडल भवन, गोसाई बाग, गुरुद्वारा रोड, गया जी में आयोजित किया जा रहा है। पितृपक्ष मेला की अवधि के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध, सात्विक एवं पौष्टिक भोजन निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
माहुरी समाज की ओर से श्रद्धालुओं से सविनय आग्रह किया गया है कि गया जी में पिंडदान एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के पश्चात इस अन्नप्रसाद शिविर में पधारकर भोजन प्रसाद ग्रहण करें तथा समाज को सेवा करने का अवसर प्रदान करें।
माहुरी समाज का मानना है कि पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों एवं विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना समाज के लिए सौभाग्य और पुण्य का अवसर है। समाज इसी सेवा, सहयोग और श्रद्धा की भावना के साथ अन्नक्षेत्र का संचालन कर रहा है। उनका संदेश है: “अतिथि देवो भवः। पितृ सेवा ही नारायण सेवा है।”