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पटना नालंदा मेडिकल कॉलेज में एम बी बी एस फाउंडेशन कोर्स शुरू
पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज में में एम बी बी एस फाउंडेशन कोर्स शुरू अनुशासन और सम्मान का भी पाठ भी
पटना से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज में MBBS Foundation Cshurourse शुरू, अनुशासन और सम्मान का पाठ,
पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पटना में MBBS के नए बैच के विद्यार्थियों के लिए Foundation Course की शुरुआत सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 से हो गई। कॉलेज परिसर स्थित LT-1 में दोपहर 12 बजे से आयोजित कार्यक्रम के साथ नए विद्यार्थियों ने मेडिकल शिक्षा के सफर की शुरुआत की। इस दौरान कॉलेज की प्राचार्य उषा कुमारी ने विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के साथ अनुशासन, व्यवहार और जिम्मेदारी के महत्व के बारे में बताया।
प्राचार्य उषा कुमारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में रहते हुए सभी छात्रों को अनुशासन में रहकर पढ़ाई करनी है। अस्पताल और कॉलेज दोनों ही सीखने के महत्वपूर्ण स्थान हैं, जहां विद्यार्थियों को अपने व्यवहार और जिम्मेदारियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अच्छे डॉक्टर बनने के लिए अच्छा व्यवहार, संवेदनशीलता, धैर्य और जिम्मेदारी भी जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कॉलेज और अस्पताल में काम करने वाले छोटे कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ चिकित्सकों, शिक्षकों और अपने सीनियर विद्यार्थियों तक सभी का सम्मान करना चाहिए। हर व्यक्ति अस्पताल की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मरीजों और उनके परिजनों के साथ भी सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करना मेडिकल विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है।
रैगिंग को लेकर भी कॉलेज प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया। मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी छात्र के साथ रैगिंग या किसी तरह का दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। नए विद्यार्थियों को भी किसी प्रकार की परेशानी होने पर कॉलेज प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने की सलाह दी गई।
Foundation Course के माध्यम से नए विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के वातावरण, कॉलेज की कार्यप्रणाली, अस्पताल की व्यवस्था और एक चिकित्सक के रूप में उनकी जिम्मेदारियों से परिचित कराया जा रहा है। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने समय का सदुपयोग करें और पूरी मेहनत तथा लगन के साथ पढ़ाई करें।
उन्होंने नए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से शुरू होने वाला सफर उन्हें भविष्य में जिम्मेदार और संवेदनशील चिकित्सक बनने की दिशा में आगे ले जाएगा। विद्यार्थियों से कॉलेज की गरिमा बनाए रखने और अनुशासन के साथ अपनी पढ़ाई पूरी करने की अपील की गई।
पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज में MBBS Foundation Cshurourse शुरू, अनुशासन और सम्मान का पाठ,
पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पटना में MBBS के नए बैच के विद्यार्थियों के लिए Foundation Course की शुरुआत सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 से हो गई। कॉलेज परिसर स्थित LT-1 में दोपहर 12 बजे से आयोजित कार्यक्रम के साथ नए विद्यार्थियों ने मेडिकल शिक्षा के सफर की शुरुआत की। इस दौरान कॉलेज की प्राचार्य उषा कुमारी ने विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के साथ अनुशासन, व्यवहार और जिम्मेदारी के महत्व के बारे में बताया।
प्राचार्य उषा कुमारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में रहते हुए सभी छात्रों को अनुशासन में रहकर पढ़ाई करनी है। अस्पताल और कॉलेज दोनों ही सीखने के महत्वपूर्ण स्थान हैं, जहां विद्यार्थियों को अपने व्यवहार और जिम्मेदारियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अच्छे डॉक्टर बनने के लिए अच्छा व्यवहार, संवेदनशीलता, धैर्य और जिम्मेदारी भी जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कॉलेज और अस्पताल में काम करने वाले छोटे कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ चिकित्सकों, शिक्षकों और अपने सीनियर विद्यार्थियों तक सभी का सम्मान करना चाहिए। हर व्यक्ति अस्पताल की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मरीजों और उनके परिजनों के साथ भी सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करना मेडिकल विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है।
रैगिंग को लेकर भी कॉलेज प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया। मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी छात्र के साथ रैगिंग या किसी तरह का दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। नए विद्यार्थियों को भी किसी प्रकार की परेशानी होने पर कॉलेज प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने की सलाह दी गई।
Foundation Course के माध्यम से नए विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के वातावरण, कॉलेज की कार्यप्रणाली, अस्पताल की व्यवस्था और एक चिकित्सक के रूप में उनकी जिम्मेदारियों से परिचित कराया जा रहा है। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने समय का सदुपयोग करें और पूरी मेहनत तथा लगन के साथ पढ़ाई करें।
उन्होंने नए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से शुरू होने वाला सफर उन्हें भविष्य में जिम्मेदार और संवेदनशील चिकित्सक बनने की दिशा में आगे ले जाएगा। विद्यार्थियों से कॉलेज की गरिमा बनाए रखने और अनुशासन के साथ अपनी पढ़ाई पूरी करने की अपील की गई।