पटाखे सावधानी से जलाएं, हादसा होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं : शहर के डॉक्टरों की राय
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पटाखे सावधानी से जलाएं, हादसा होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं : शहर के डॉक्टरों की राय
बिलासपुर। दीपावली का पर्व नजदीक आते ही शहर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। पटाखों की दुकानें भी सजकर तैयार हैं। बच्चों में दीपावली को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, लेकिन इस उत्साह के बीच पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कई बार पटाखे समय से पहले फूटने या लापरवाही के कारण गंभीर हादसे हो जाते हैं। इनमें आंखों और त्वचा को नुकसान पहुंचने का खतरा सबसे अधिक रहता है।
इसी संबंध में भार्गव हॉस्पिटल के चिकित्सक ने मीडिया से चर्चा के दौरान शहरवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पटाखे हमेशा सुरक्षित स्थान पर और सावधानीपूर्वक जलाएं। बच्चों को अभिभावकों की निगरानी में ही पटाखे जलाने दें। पटाखों से निकलने वाली चिंगारी और बारूद आंखों जैसे संवेदनशील अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए आंखों और चेहरे की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
चिकित्सक ने यह भी कहा कि जिन घरों में बुजुर्ग या बीमार मरीज हों, उनके आसपास तेज आवाज वाले धमाकेदार पटाखे नहीं जलाने चाहिए। पटाखे जलाते समय पास में पानी की बाल्टी जरूर रखें। किसी प्रकार की जलन या चोट होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें। आंखों में चोट लगने पर उन्हें रगड़ने से बचें और बिना देरी किए अस्पताल पहुंचें।
उन्होंने शहरवासियों से पर्यावरण संरक्षण के साथ दीपावली मनाने की अपील करते हुए कहा कि पशु-पक्षियों को भी तेज आवाज और पटाखों से होने वाली परेशानी से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। सुरक्षा और सावधानी के साथ मनाई गई दीपावली ही खुशहाल दीपावली है।
बिलासपुर। दीपावली का पर्व नजदीक आते ही शहर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। पटाखों की दुकानें भी सजकर तैयार हैं। बच्चों में दीपावली को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, लेकिन इस उत्साह के बीच पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कई बार पटाखे समय से पहले फूटने या लापरवाही के कारण गंभीर हादसे हो जाते हैं। इनमें आंखों और त्वचा को नुकसान पहुंचने का खतरा सबसे अधिक रहता है।
इसी संबंध में भार्गव हॉस्पिटल के चिकित्सक ने मीडिया से चर्चा के दौरान शहरवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पटाखे हमेशा सुरक्षित स्थान पर और सावधानीपूर्वक जलाएं। बच्चों को अभिभावकों की निगरानी में ही पटाखे जलाने दें। पटाखों से निकलने वाली चिंगारी और बारूद आंखों जैसे संवेदनशील अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए आंखों और चेहरे की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
चिकित्सक ने यह भी कहा कि जिन घरों में बुजुर्ग या बीमार मरीज हों, उनके आसपास तेज आवाज वाले धमाकेदार पटाखे नहीं जलाने चाहिए। पटाखे जलाते समय पास में पानी की बाल्टी जरूर रखें। किसी प्रकार की जलन या चोट होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें। आंखों में चोट लगने पर उन्हें रगड़ने से बचें और बिना देरी किए अस्पताल पहुंचें।
उन्होंने शहरवासियों से पर्यावरण संरक्षण के साथ दीपावली मनाने की अपील करते हुए कहा कि पशु-पक्षियों को भी तेज आवाज और पटाखों से होने वाली परेशानी से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। सुरक्षा और सावधानी के साथ मनाई गई दीपावली ही खुशहाल दीपावली है।