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पोषण पुनर्वास केंद्रों को पूर्ण क्षमता से संचालित करने के निर्देश, लापरवाही पर CDPO का वेतन रोकने का आदेश
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्रों को पूरी क्षमता से चलाने और हितग्राहियों के शत-प्रतिशत फेस रिकग्नीशन व आभा आईडी पूर्ण करने के निर्देश दिए। मैदानी स्तर पर लापरवाही बरतने पर शाहगढ़ और बण्डा के CDPO का वेतन रोकने तथा शाहगढ़ सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
जिले के सभी पोषण पुनर्वास केन्द्र (NRC) अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हों, बच्चों के वजन चिन्हांकन में वृद्धि और सुदृढ़ पोषण आहार वितरण सुनिश्चित किया जाए। मैदानी स्तर पर शत-प्रतिशत होम विजिट और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज हो तथा ई-केवाईसी, डीबीटी पूर्ण करें एवं विभागीय योजनाओं की पेंडेंसी को शून्य किया जाए। यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए विभागीय कार्यों में लापरवाही और मैदानी स्तर पर प्रभावी निगरानी न रखने पर शाहगढ़ एवं बण्डा के बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) का वेतन आगामी आदेश तक रोकने एवं कम वजन वाले बच्चों के सही चिन्हांकन और नियमित वजन मापने के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर शाहगढ़ सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती पाल ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि हितग्राहियों के स्वास्थ्य और पोषण की उचित निगरानी के लिए मैदानी अमला शत-प्रतिशत होम विजिट (गृह भेंट) सुनिश्चित करे, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि संपर्क ऐप पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ई-उपस्थिति अनिवार्य रूप से लगाई जाए। कार्यकर्ता आंगनवाड़ी खुलने के समय पर निर्धारित जिओ फेंसिंग क्षेत्र में ही रहकर उपस्थिति दर्ज कराएं। साथ ही, पोषण ट्रैकर पर जो आंगनवाड़ी केंद्र बंद दिख रहे हैं, उन्हें तत्काल खुलवाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) की बेड क्षमता और वर्तमान में उपचाररत बच्चों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी एनआरसी अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हों, कोई भी बेड खाली नहीं रहना चाहिए। इसके लिए अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की त्वरित पहचान कर उन्हें तुरंत इन केंद्रों पर भर्ती कराया जाए ताकि उन्हें समय पर सही उपचार एवं पोषण मिल सके।
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर की सटीक निगरानी के लिए कलेक्टर ने वजन चिन्हांकन के कवरेज में तेजी से वृद्धि करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के अंतर्गत आने वाले शत-प्रतिशत बच्चों का नियमित रूप से और सही तरीके से वजन मापा जाए। इसके अलावा, गर्भवती, धात्री माताओं और 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले टेक होम राशन (THR) का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने तथा 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके हुए भोजन (HCM) को वास्तविक मांग के अनुसार गुणवत्ता के साथ वितरित कर उसकी शत-प्रतिशत रियल-टाइम प्रविष्टि पोषण ट्रैकर पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती पाल ने विभागीय योजनाओं के समस्त हितग्राहियों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी, डीबीटी, फेस रिकग्नीशन और आभा (ABHA) आईडी का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और चाइल्ड लाइन से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए इन योजनओं के प्रकरणों की पेंडेंसी को शीघ्रता से शून्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के अंतर्गत सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी शिकायतों की निरंतर मॉनीटरिंग की जाए तथा 50 और 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर संतुष्टिपूर्वक बंद कराया जाए।
कलेक्टर श्रीमती पाल ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि हितग्राहियों के स्वास्थ्य और पोषण की उचित निगरानी के लिए मैदानी अमला शत-प्रतिशत होम विजिट (गृह भेंट) सुनिश्चित करे, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि संपर्क ऐप पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ई-उपस्थिति अनिवार्य रूप से लगाई जाए। कार्यकर्ता आंगनवाड़ी खुलने के समय पर निर्धारित जिओ फेंसिंग क्षेत्र में ही रहकर उपस्थिति दर्ज कराएं। साथ ही, पोषण ट्रैकर पर जो आंगनवाड़ी केंद्र बंद दिख रहे हैं, उन्हें तत्काल खुलवाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) की बेड क्षमता और वर्तमान में उपचाररत बच्चों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी एनआरसी अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हों, कोई भी बेड खाली नहीं रहना चाहिए। इसके लिए अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की त्वरित पहचान कर उन्हें तुरंत इन केंद्रों पर भर्ती कराया जाए ताकि उन्हें समय पर सही उपचार एवं पोषण मिल सके।
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर की सटीक निगरानी के लिए कलेक्टर ने वजन चिन्हांकन के कवरेज में तेजी से वृद्धि करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के अंतर्गत आने वाले शत-प्रतिशत बच्चों का नियमित रूप से और सही तरीके से वजन मापा जाए। इसके अलावा, गर्भवती, धात्री माताओं और 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले टेक होम राशन (THR) का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने तथा 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके हुए भोजन (HCM) को वास्तविक मांग के अनुसार गुणवत्ता के साथ वितरित कर उसकी शत-प्रतिशत रियल-टाइम प्रविष्टि पोषण ट्रैकर पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती पाल ने विभागीय योजनाओं के समस्त हितग्राहियों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी, डीबीटी, फेस रिकग्नीशन और आभा (ABHA) आईडी का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और चाइल्ड लाइन से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए इन योजनओं के प्रकरणों की पेंडेंसी को शीघ्रता से शून्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के अंतर्गत सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी शिकायतों की निरंतर मॉनीटरिंग की जाए तथा 50 और 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर संतुष्टिपूर्वक बंद कराया जाए।