📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Md iet
धर्म
उज्जैन में कुम्भ मेला से पहले मस्जिद का आंशिक ध्वंस, तनाव बढ़ा
✍️ aljazeera.com
🗓 01 अक्टू. 2026, 10:16 AM
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उज्जैन में प्राचीन मस्जिद के कुछ हिस्से को कुम्भ मेले की तैयारियों के लिए हटाया गया, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ा।
उज्जैन, मध्य प्रदेश – शहर में कुम्भ मेले की तैयारी के तहत एक प्राचीन मस्जिद के कुछ हिस्से को हटाया गया। यह कार्य इस हफ्ते सुबह किया गया, जिसमें मस्जिद की एक छोटी सी इमारत को हटाकर मेले के विस्तार के लिए जगह बनाई गई।
स्थानीय निवासियों और धार्मिक संगठनों ने इस कदम को अस्वीकार किया, यह कहते हुए कि यह विरासत संरक्षण के नियमों का उल्लंघन है और साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ा रहा है। कई विरोध समूहों ने साइट के बाहर इकट्ठा होकर शेष भाग को सुरक्षित रखने और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ संवाद की मांग की।
जिला प्रशासन ने कहा कि यह कार्य केवल गैर‑आवश्यक हिस्से को हटाने के लिए किया गया था और शहरी योजना विशेषज्ञों की सलाह के बाद किया गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात की गई, और कोई चोट नहीं लगी। शहर में लाखों तीर्थयात्रियों के आने से पहले यह घटना माहौल को और तनावपूर्ण बना रही है।
मानवाधिकार संगठनों ने इस ध्वंस की स्वतंत्र जांच की मांग की है, यह चेतावनी देते हुए कि ऐसे कदम भविष्य में धार्मिक स्थलों के विवादों को बढ़ा सकते हैं। राज्य सरकार ने अभी तक विरोधियों की मांगों पर कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया है।
स्थानीय निवासियों और धार्मिक संगठनों ने इस कदम को अस्वीकार किया, यह कहते हुए कि यह विरासत संरक्षण के नियमों का उल्लंघन है और साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ा रहा है। कई विरोध समूहों ने साइट के बाहर इकट्ठा होकर शेष भाग को सुरक्षित रखने और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ संवाद की मांग की।
जिला प्रशासन ने कहा कि यह कार्य केवल गैर‑आवश्यक हिस्से को हटाने के लिए किया गया था और शहरी योजना विशेषज्ञों की सलाह के बाद किया गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात की गई, और कोई चोट नहीं लगी। शहर में लाखों तीर्थयात्रियों के आने से पहले यह घटना माहौल को और तनावपूर्ण बना रही है।
मानवाधिकार संगठनों ने इस ध्वंस की स्वतंत्र जांच की मांग की है, यह चेतावनी देते हुए कि ऐसे कदम भविष्य में धार्मिक स्थलों के विवादों को बढ़ा सकते हैं। राज्य सरकार ने अभी तक विरोधियों की मांगों पर कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया है।