Politics
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे विवादों में घिर गए हैं। इस बीच सहारनपुर से कांग्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे विवादों में घिर गए हैं। इस बीच सहारनपुर से कांग्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे विवादों में घिर गए हैं। इस बीच सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी खरगे के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, उसी भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए।
दरअसल, रविवार को बिहार की राजधानी पटना में बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खरगे भाषण दे रहे थे। इसी बीच दर्शकों में से एक व्यक्ति ने कहा कि मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने मंच से कहा, 'मोदी के बाप को भी जाना पड़ेगा।' उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि वह इस टिप्पणी को जायज मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी और इंदिरा गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते रहे हैं। मसूद ने कहा कि विपक्ष को भी ऐसे बयानों का उसी भाषा में जवाब देना चाहिए।
इमरान मसूद ने एक नवंबर को प्रस्तावित रैली और 'मूक संसद' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर इस कार्यक्रम के दौरान उन्हें हिरासत में लिया जाता है, तो वह इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का हवाला देते हुए भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों के पूर्वजों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में माफी मांगने के कई उदाहरण मिलेंगे।
खरगे के बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला है। सोमवार को लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने खरगे की तस्वीर पर चप्पलें बरसाईं और नारेबाजी की। उन्होंने लालजी टंडन की प्रतिमा से महात्मा गांधी की प्रतिमा तक विरोध मार्च भी निकाला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विपक्षी नेताओं के बयानों पर पहले भी विवाद हो चुके हैं। खबर में उल्लेखित उदाहरणों के मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र कुमार और कांग्रेस नेता अजय राय की टिप्पणियों को लेकर भी राजनीतिक विवाद हुआ था। अप्रैल 2026 में खरगे की ओर से प्रधानमंत्री के लिए की गई एक टिप्पणी पर भी विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्होंने सफाई दी थी।
दरअसल, रविवार को बिहार की राजधानी पटना में बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खरगे भाषण दे रहे थे। इसी बीच दर्शकों में से एक व्यक्ति ने कहा कि मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने मंच से कहा, 'मोदी के बाप को भी जाना पड़ेगा।' उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि वह इस टिप्पणी को जायज मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी और इंदिरा गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते रहे हैं। मसूद ने कहा कि विपक्ष को भी ऐसे बयानों का उसी भाषा में जवाब देना चाहिए।
इमरान मसूद ने एक नवंबर को प्रस्तावित रैली और 'मूक संसद' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर इस कार्यक्रम के दौरान उन्हें हिरासत में लिया जाता है, तो वह इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का हवाला देते हुए भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों के पूर्वजों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में माफी मांगने के कई उदाहरण मिलेंगे।
खरगे के बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला है। सोमवार को लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने खरगे की तस्वीर पर चप्पलें बरसाईं और नारेबाजी की। उन्होंने लालजी टंडन की प्रतिमा से महात्मा गांधी की प्रतिमा तक विरोध मार्च भी निकाला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विपक्षी नेताओं के बयानों पर पहले भी विवाद हो चुके हैं। खबर में उल्लेखित उदाहरणों के मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र कुमार और कांग्रेस नेता अजय राय की टिप्पणियों को लेकर भी राजनीतिक विवाद हुआ था। अप्रैल 2026 में खरगे की ओर से प्रधानमंत्री के लिए की गई एक टिप्पणी पर भी विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्होंने सफाई दी थी।