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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खंडवा जिला जेल का किया मासिक निरीक्षण, बंदियों से की चर्चा
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजीव श्रीवास्तव ने जिला जेल खंडवा का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों से सुविधाओं, कानूनी प्रक्रियाओं और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजीव श्रीवास्तव द्वारा जिला जेल खंडवा का मासिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने जेल की विभिन्न बैरकों का अवलोकन कर बंदियों से संवाद किया तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने प्रत्येक बैरक में जाकर बंदियों से उनके प्रकरणों में अधिवक्ता की उपलब्धता, न्यायालय में पेशी सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बंदियों से नाश्ता एवं भोजन की गुणवत्ता के संबंध में भी जानकारी ली।
जिला जेल अधीक्षक द्वारा बताया गया कि निरीक्षण के दिन बंदियों को नाश्ते में पोहा तथा भोजन में चावल, रोटी, दाल एवं आलू, कद्दू व टमाटर की सब्जी प्रदान की गई। इस दौरान विभिन्न बैरकों में साफ-सफाई की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। श्री श्रीवास्तव ने बंदियों को नियमित रूप से योग एवं प्रार्थना करने तथा नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने बंदियों को समय का सदुपयोग करते हुए पढ़ाई-लिखाई के साथ अपनी रुचि के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
जेल अधीक्षक श्री डी.के. सारस ने निरीक्षण के दौरान जेल में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण एवं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंदियों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही बैंड, संगीत शिक्षा एवं साक्षरता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। जनशिक्षण संस्थान के माध्यम से महिला एवं पुरुष बंदियों को साबुन एवं मोमबत्ती निर्माण तथा पेंटिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
जेल अधीक्षक ने जेल प्रशासन से संबंधित आवश्यकताओं एवं समस्याओं से भी अवगत कराया, जिनमें संपूर्ण जेल परिसर की बाउंड्रीवाल, शौचालयों की सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था तथा मेन गेट निर्माण संबंधी आवश्यकताएं प्रमुख हैं। निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पीयूष भावे, डी.जे.ए.ओ. श्री दिलावर, श्री दशरथ सिंह चौहान एवं सुश्री साक्षी गुप्ता सहित जेल अधीक्षक श्री डी.के. सारस, सहायक अधीक्षक श्री मनोज चौरसिया सहित जेल में ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला जेल अधीक्षक द्वारा बताया गया कि निरीक्षण के दिन बंदियों को नाश्ते में पोहा तथा भोजन में चावल, रोटी, दाल एवं आलू, कद्दू व टमाटर की सब्जी प्रदान की गई। इस दौरान विभिन्न बैरकों में साफ-सफाई की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। श्री श्रीवास्तव ने बंदियों को नियमित रूप से योग एवं प्रार्थना करने तथा नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने बंदियों को समय का सदुपयोग करते हुए पढ़ाई-लिखाई के साथ अपनी रुचि के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
जेल अधीक्षक श्री डी.के. सारस ने निरीक्षण के दौरान जेल में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण एवं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंदियों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही बैंड, संगीत शिक्षा एवं साक्षरता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। जनशिक्षण संस्थान के माध्यम से महिला एवं पुरुष बंदियों को साबुन एवं मोमबत्ती निर्माण तथा पेंटिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
जेल अधीक्षक ने जेल प्रशासन से संबंधित आवश्यकताओं एवं समस्याओं से भी अवगत कराया, जिनमें संपूर्ण जेल परिसर की बाउंड्रीवाल, शौचालयों की सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था तथा मेन गेट निर्माण संबंधी आवश्यकताएं प्रमुख हैं। निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पीयूष भावे, डी.जे.ए.ओ. श्री दिलावर, श्री दशरथ सिंह चौहान एवं सुश्री साक्षी गुप्ता सहित जेल अधीक्षक श्री डी.के. सारस, सहायक अधीक्षक श्री मनोज चौरसिया सहित जेल में ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।