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28 Sep 2026•
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प्रदेश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी
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प्रदेश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी

✍️ Reporter: Pankaj Gupta 🗓 22 Aug 2026, 05:06 PM 👁 47
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जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई, डीएम करेंगे गोदामों का भौतिक सत्यापन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश में चीनी की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि आमजन को किसी भी प्रकार से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में प्रदेश की चीनी मिलों में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जून और जुलाई माह में चीनी मिलों द्वारा करीब 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की गई है, जिसमें अधिकांश चीनी अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने चीनी की कमी को लेकर भ्रम फैलाने और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेगा तथा एक समय में 400 टन से अधिक स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, बल्क कंज्यूमर्स, जिनकी खपत 10 मीट्रिक टन प्रतिमाह है, वे 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों को निर्देश दिया कि उनके मासिक कोटे के तहत विक्रित चीनी को बिक्री की तिथि से 7 दिन से अधिक समय तक गोदाम में न रोका जाए। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में पंजीकृत चीनी मिलों के साथ-साथ थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कर उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जिलों में चीनी की उपलब्धता और मूल्य पर लगातार निगरानी रखी जाए। कृत्रिम कमी या मूल्यवृद्धि की स्थिति सामने आने पर तत्काल शासन को अवगत कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पेराई सत्र 2026-27 में प्रदेश में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है, जिससे लगभग 90 लाख टन चीनी उत्पादन होने की संभावना है। प्रदेश में प्रतिमाह चीनी की अनुमानित खपत करीब 4 लाख टन है। वहीं, पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चीनी की उपलब्धता, कीमत और स्टॉक पर लगातार निगरानी जारी रहेगी तथा जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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