स्थानीय
प्रशासन ने डीजे संचालकों पर की कार्रवाई, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कसा शिकंजा
स्थानीय प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण फैलाने और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस कार्यवाही से डीजे संचालकों में हड़कंप मच गया है।
स्थानीय प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन की टीम ने देर रात विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर कई डीजे सेट जब्त किए और संचालकों पर जुर्माना भी लगाया। यह कार्रवाई आम जनता की शिकायतों के बाद की गई, जिसमें डीजे से होने वाले अत्यधिक शोर से परेशानी का जिक्र था।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। खासकर शादियों और अन्य समारोहों में डीजे के शोर से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। इस संबंध में पहले भी चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया।
इस कार्रवाई के तहत, निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक शोर करने वाले और बिना अनुमति के देर रात तक डीजे चलाने वाले संचालकों को चिन्हित किया गया। जब्त किए गए उपकरणों को नियमानुसार सीज कर दिया गया है और संबंधित संचालकों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। खासकर शादियों और अन्य समारोहों में डीजे के शोर से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। इस संबंध में पहले भी चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया।
इस कार्रवाई के तहत, निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक शोर करने वाले और बिना अनुमति के देर रात तक डीजे चलाने वाले संचालकों को चिन्हित किया गया। जब्त किए गए उपकरणों को नियमानुसार सीज कर दिया गया है और संबंधित संचालकों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।