प्राकृतिक खेती और आधुनिक पशु संवर्धन ही भारतीय कृषि का उज्ज्वल भविष्य है।
कच्छ जिले की मुंद्रा तहसील के भोरारा गांव में प्रगतिशील किसान श्री जीवराजभाई गढ़वी के जय माताजी प्राकृतिक फार्म का दौरा किया। इस दौरान स्वयं गौ-सेवा करते हुए गाय दुहने का सुखद રાજ્યપાલ શ્રી આચાર્ય દેવવ્રતજીએ अनुभव प्राप्त किया एवं किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से पशु संवर्धन करने हेतु प्रेरित किया।
कच्छ में पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु प्राकृतिक फार्म पर होमस्टे का उद्घाटन किया।
फार्म में सब्जियों की कटाई की तथा एक ही भूमि पर बहुस्तरीय सब्जी उत्पादन मॉडल की सराहना की।
रासायनिक खेती के कारण कभी बंजर हो चुकी भूमि पर प्राकृतिक कृषि तकनीकों के माध्यम से ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर 2.85 से अधिक पहुंचाने की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए श्री जीवराजभाई को बधाई दी।
उपस्थित किसानों और ग्रामवासियों को प्राकृतिक कृषि के माध्यम से भूमि की उर्वरता बढ़ाने, लागत घटाने और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने का मार्गदर्शन दिया।
प्राकृतिक खेती और आधुनिक पशु संवर्धन ही भारतीय कृषि का उज्ज्वल भविष्य है।
कच्छ में पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु प्राकृतिक फार्म पर होमस्टे का उद्घाटन किया।
फार्म में सब्जियों की कटाई की तथा एक ही भूमि पर बहुस्तरीय सब्जी उत्पादन मॉडल की सराहना की।
रासायनिक खेती के कारण कभी बंजर हो चुकी भूमि पर प्राकृतिक कृषि तकनीकों के माध्यम से ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर 2.85 से अधिक पहुंचाने की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए श्री जीवराजभाई को बधाई दी।
उपस्थित किसानों और ग्रामवासियों को प्राकृतिक कृषि के माध्यम से भूमि की उर्वरता बढ़ाने, लागत घटाने और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने का मार्गदर्शन दिया।
प्राकृतिक खेती और आधुनिक पशु संवर्धन ही भारतीय कृषि का उज्ज्वल भविष्य है।