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25 अक्टू. 2026•
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अपराध

पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को बड़ा क्रिकेटर और रसूखदार कारोबारी बताकर

✍️ रिपोर्टर: Ajaruddin 🗓 25 अक्टू. 2026, 11:44 AM 👁 16
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को बड़ा क्रिकेटर और रसूखदार कारोबारी बताकर

दिल्ली पुलिस की महिला कॉन्स्टेबल शिवानी से 24 लाख रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार विक्रांत कुमार उर्फ विक्की तोमर को लेकर जांच में कई खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को बड़ा क्रिकेटर और रसूखदार कारोबारी बताकर महिला पुलिसकर्मियों को अपने जाल में फंसाता था। जांच में सामने आया है कि उसने दिल्ली पुलिस की एक ही बैच की करीब 20 महिला कॉन्स्टेबलों को निशाना बनाया था।

पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बागपत का रहने वाला 26 वर्षीय विक्रांत इंस्टाग्राम पर महंगी गाड़ियों और लग्जरी लाइफस्टाइल की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करता था। इसके लिए वह दिल्ली-एनसीआर में किराये पर महंगी गाड़ियां लेता था। सोशल मीडिया पर उसकी दिखावटी जिंदगी देखकर कई महिला पुलिसकर्मी उसके संपर्क में आईं।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की लिव-इन पार्टनर दिल्ली पुलिस में महिला कॉन्स्टेबल है। पुलिस को शक है कि आरोपी ने अपनी पार्टनर के मोबाइल फोन और दस्तावेजों के जरिए उसकी बैच की अन्य महिला पुलिसकर्मियों की जानकारी हासिल की। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम के जरिए उन्हें संपर्क करना शुरू किया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले महिला कॉन्स्टेबलों से खेल कोटे के जरिए भर्ती होने से जुड़े सवाल पूछता था। इसके बाद बातचीत बढ़ाकर उनसे नजदीकियां बनाता और कुछ महिलाओं को शादी का झांसा देता था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसने कितनी महिलाओं से पैसे लिए और ठगी का पूरा नेटवर्क कैसे काम करता था।

जांच के दौरान आरोपी के ऑनलाइन सट्टेबाजी में शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, महिला पुलिसकर्मियों से ठगी गई रकम का इस्तेमाल लग्जरी लाइफस्टाइल और ऑनलाइन सट्टेबाजी में किया जाता था। पीड़ित कॉन्स्टेबल से ठगे गए 24 लाख रुपये में से करीब 8 लाख रुपये ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े खातों में पाए गए हैं। अन्य महिला पुलिसकर्मियों से ली गई रकम के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।

इस तरह की ठगी के लिए ‘रिकी बहल’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। यह नाम 2011 में रिलीज हुई फिल्म ‘लेडीज वर्सेस रिकी बहल’ से लोकप्रिय हुआ था। आमतौर पर ऐसे मामलों में आरोपी झूठी पहचान, पैसे और रसूख का दिखावा करके महिलाओं का भरोसा जीतते हैं और फिर उनसे ठगी करते हैं।

सेंट्रल जिला पुलिस के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि पुलिस को शक है कि इस मामले का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक भी फैला हो सकता है। जांच टीमें यह पता लगा रही हैं कि आरोपी ने अन्य राज्यों की महिला पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया था या नहीं।

फिलहाल साइबर सेल आरोपी के बैंक खातों की जांच कर रही है। पुलिस मोबाइल फोन से डेटा रिकवर करने और सोशल मीडिया संपर्कों की पड़ताल में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और पीड़ितों तथा लेनदेन से जुड़ी जानकारी सामने आने की संभावना है
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