📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Barera
स्वास्थ्य
बिहार के सीमा क्षेत्रों में पाकिस्तान निर्मित फेयरनेस क्रीम का विस्तार, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
✍️ Hindustan Times
🗓 12 अक्टू. 2026, 08:02 AM
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बिहार के सीमा जिलों में पाकिस्तान निर्मित फेयरनेस क्रीम की बिक्री बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य विशेषज्ञ संभावित जोखिमों की ओर इशारा कर रहे हैं।
पाकिस्तान निर्मित फेयरनेस क्रीम ने बिहार के सीमा जिलों में बढ़ती ग्राहक संख्या हासिल की है, जहाँ पड़ोसी क्षेत्रों के साथ सीमापार व्यापार इनकी आपूर्ति को आसान बनाता है। स्थानीय विक्रेताओं के अनुसार इन उत्पादों की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है, जो त्वचा को हल्का करने के समाधान के रूप में बेचे जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इन सौंदर्य प्रसाधनों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि कई आयातित क्रीमों को भारत में उचित नियामक मंजूरी नहीं मिली है। वे चेतावनी देते हैं कि अनजाने घटक त्वचा में जलन, एलर्जी या अधिक गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकते हैं।
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले भी अनपंजीकृत सौंदर्य उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं को सतर्क किया है, और खरीदते समय प्रमाणपत्र और सुरक्षा मानकों की जाँच करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने विदेशी कॉस्मेटिक्स के प्रवाह पर नज़र रखी है, पर अभी तक कोई विशेष प्रवर्तन कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इन सौंदर्य प्रसाधनों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि कई आयातित क्रीमों को भारत में उचित नियामक मंजूरी नहीं मिली है। वे चेतावनी देते हैं कि अनजाने घटक त्वचा में जलन, एलर्जी या अधिक गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकते हैं।
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले भी अनपंजीकृत सौंदर्य उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं को सतर्क किया है, और खरीदते समय प्रमाणपत्र और सुरक्षा मानकों की जाँच करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने विदेशी कॉस्मेटिक्स के प्रवाह पर नज़र रखी है, पर अभी तक कोई विशेष प्रवर्तन कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।