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पंजाब में 'खेडां वतन पंजाब दियां' से 10 लाख खिलाड़ी: मान सरकार की खेल क्रांति
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मान सरकार के तहत 2022 में शुरू हुई 'खेडां वतन पंजाब दियां' पहल ने 2026 तक 10 लाख खिलाड़ियों तक पहुँचने का लक्ष्य तय किया है, जिससे पंजाब के युवाओं को खेलों से जोड़ने का नया मंच तैयार हुआ है।
नूरपुर बेदी, 8 सितंबर – पंजाब सरकार द्वारा वर्ष 2022 में आरम्भ की गई ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ पहल ने खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को खेलों से जोड़ने का कार्य किया है। इस कार्यक्रम ने गाँवों से लेकर शहरों तक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच उपलब्ध कराया है।
विधायक एडवोकेट दिनेश कुमार चड्ढा ने बताया कि 2022 में इस पहल में लगभग 3 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जबकि 2026 तक इस संख्या को लगभग 10 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य है। यह वृद्धि पंजाब में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और सरकार की खेल समर्थक नीतियों का प्रमाण है।
चड्ढा ने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और नशों से दूर रखने के लिए एक बड़ी मुहिम बन चुकी है। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ गांव स्तर से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना भी है।
विधायक ने युवाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक खेलों से जुड़ें और अपने राज्य का नाम देश-विदेश में रोशन करें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि खेल मैदानों में तैयार हो रही नई पीढ़ी पंजाब को और मजबूत एवं खुशहाल बनाने में अपना योगदान देगी।
विधायक एडवोकेट दिनेश कुमार चड्ढा ने बताया कि 2022 में इस पहल में लगभग 3 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जबकि 2026 तक इस संख्या को लगभग 10 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य है। यह वृद्धि पंजाब में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और सरकार की खेल समर्थक नीतियों का प्रमाण है।
चड्ढा ने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और नशों से दूर रखने के लिए एक बड़ी मुहिम बन चुकी है। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ गांव स्तर से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना भी है।
विधायक ने युवाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक खेलों से जुड़ें और अपने राज्य का नाम देश-विदेश में रोशन करें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि खेल मैदानों में तैयार हो रही नई पीढ़ी पंजाब को और मजबूत एवं खुशहाल बनाने में अपना योगदान देगी।