Politics
पंचायत पुनर्गठन से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी, 2 किमी दूर सादी छोड़ 15 किमी दूर ट्रेष्टा पंचायत से जोड़ने पर नाराजगी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे मतदान में भाग नहीं लेंगे।
गंगरार
चंद्र प्रकाश बिलवाल
गंगरार। सरकार एक ओर स्वीप कार्यक्रमों के माध्यम से शत-प्रतिशत मतदान के लिए लोगों को जागरूक कर रही है, वहीं दूसरी ओर गंगरार क्षेत्र के रूपपुरा (माताजी का खेड़ा) गांव के ग्रामीण पंचायत पुनर्गठन के बाद बढ़ी दूरी और आवागमन की समस्या को लेकर नाराज हैं। ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने तक मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, उनका गांव पहले सादी ग्राम पंचायत से जुड़ा हुआ था, जिसकी दूरी गांव से लगभग 2 किलोमीटर है। लेकिन पंचायत पुनर्गठन के बाद गांव को नई ग्राम पंचायत ट्रेष्टा से जोड़ दिया गया है, जिसकी दूरी गांव से लगभग 15 किलोमीटर बताई जा रही है। इससे ग्रामीणों को पंचायत मुख्यालय तक पहुंचने के लिए पहले की तुलना में काफी अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
2 किलोमीटर की जगह 15 किलोमीटर का सफर, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि जब सादी ग्राम पंचायत महज 2 किलोमीटर दूर है, तो गांव को लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित नई ग्राम पंचायत ट्रेष्टा से जोड़ने का निर्णय उनकी समझ से परे है। इससे पंचायत संबंधी कार्यों, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा अन्य प्रशासनिक कामों के लिए ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव से आने-जाने वाले रास्तों की स्थिति भी परेशानी का कारण है। कुछ मार्गों से अन्य गांवों एवं पंचायत क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है, जबकि एक रास्ते पर पानी भरा रहने से आवागमन प्रभावित होता है।
अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी समाधान नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या के संबंध में पूर्व में उपखंड अधिकारी (SDM), तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि पंचायत पुनर्गठन के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और रूपपुरा (माताजी का खेड़ा) गांव को लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित सादी ग्राम पंचायत से जोड़ने पर विचार किया जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से 15 किलोमीटर दूर ट्रेष्टा पंचायत तक नहीं जाना पड़े।
शत-प्रतिशत मतदान के लक्ष्य के बीच बहिष्कार की चेतावनी
एक ओर निर्वाचन विभाग स्वीप कार्यक्रमों के माध्यम से शत-प्रतिशत मतदान के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने पंचायत पुनर्गठन से जुड़ी अपनी समस्या का समाधान नहीं होने पर मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
अब सवाल यह है कि जब नजदीक की ग्राम पंचायत सादी महज 2 किलोमीटर दूर है, तो ग्रामीणों को 15 किलोमीटर दूर ट्रेष्टा पंचायत से जोड़ने के निर्णय पर प्रशासन पुनर्विचार करेगा या नहीं? ग्रामीणों को अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।
चंद्र प्रकाश बिलवाल
गंगरार। सरकार एक ओर स्वीप कार्यक्रमों के माध्यम से शत-प्रतिशत मतदान के लिए लोगों को जागरूक कर रही है, वहीं दूसरी ओर गंगरार क्षेत्र के रूपपुरा (माताजी का खेड़ा) गांव के ग्रामीण पंचायत पुनर्गठन के बाद बढ़ी दूरी और आवागमन की समस्या को लेकर नाराज हैं। ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने तक मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, उनका गांव पहले सादी ग्राम पंचायत से जुड़ा हुआ था, जिसकी दूरी गांव से लगभग 2 किलोमीटर है। लेकिन पंचायत पुनर्गठन के बाद गांव को नई ग्राम पंचायत ट्रेष्टा से जोड़ दिया गया है, जिसकी दूरी गांव से लगभग 15 किलोमीटर बताई जा रही है। इससे ग्रामीणों को पंचायत मुख्यालय तक पहुंचने के लिए पहले की तुलना में काफी अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
2 किलोमीटर की जगह 15 किलोमीटर का सफर, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि जब सादी ग्राम पंचायत महज 2 किलोमीटर दूर है, तो गांव को लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित नई ग्राम पंचायत ट्रेष्टा से जोड़ने का निर्णय उनकी समझ से परे है। इससे पंचायत संबंधी कार्यों, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा अन्य प्रशासनिक कामों के लिए ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव से आने-जाने वाले रास्तों की स्थिति भी परेशानी का कारण है। कुछ मार्गों से अन्य गांवों एवं पंचायत क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है, जबकि एक रास्ते पर पानी भरा रहने से आवागमन प्रभावित होता है।
अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी समाधान नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या के संबंध में पूर्व में उपखंड अधिकारी (SDM), तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि पंचायत पुनर्गठन के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और रूपपुरा (माताजी का खेड़ा) गांव को लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित सादी ग्राम पंचायत से जोड़ने पर विचार किया जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से 15 किलोमीटर दूर ट्रेष्टा पंचायत तक नहीं जाना पड़े।
शत-प्रतिशत मतदान के लक्ष्य के बीच बहिष्कार की चेतावनी
एक ओर निर्वाचन विभाग स्वीप कार्यक्रमों के माध्यम से शत-प्रतिशत मतदान के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने पंचायत पुनर्गठन से जुड़ी अपनी समस्या का समाधान नहीं होने पर मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
अब सवाल यह है कि जब नजदीक की ग्राम पंचायत सादी महज 2 किलोमीटर दूर है, तो ग्रामीणों को 15 किलोमीटर दूर ट्रेष्टा पंचायत से जोड़ने के निर्णय पर प्रशासन पुनर्विचार करेगा या नहीं? ग्रामीणों को अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।