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पंचायत चुनाव के मद्देनजर बीएलओ की बैठक संपन्न, मतदाता सूची में सुधार के लिए विशेष कैंप का आयोजन
प्रखंड मुख्यालय में बीडीओ की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंचायत चुनाव को देखते हुए मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया गया है। कैंप 24, 25, 30 और 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित होंगे।
प्रखंड मुख्यालय के बहुउद्देशीय भवन में बीडीओ अरविंद कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता सूची में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) को निर्देश दिया गया कि वे मतदाताओं की शिकायतों का निवारण सुनिश्चित करें।
इस विशेष अभियान के तहत, मतदाता सूची से नाम कटने या नए नाम जोड़ने संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए 24, 25, 30 और 31 अक्टूबर 2026 को सभी चिन्हित केंद्रों पर बीएलओ उपस्थित रहेंगे। इस दौरान, केवल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जमा किए गए वैध दस्तावेजों के आधार पर ही नए नाम जोड़े जाएंगे। यह स्पष्ट किया गया है कि इस प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड को वैध दस्तावेज नहीं माना जाएगा।
नाम जुड़वाने के लिए निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, भूमि पर्चा और वंशावली जैसे दस्तावेजों को मान्य किया जाएगा। बीडीओ ने बैठक में विशेष रूप से युवाओं को मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। साथ ही, जिन केंद्रों पर लिंगानुपात कम है, वहां महिला मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया गया है।
इस विशेष अभियान के तहत, मतदाता सूची से नाम कटने या नए नाम जोड़ने संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए 24, 25, 30 और 31 अक्टूबर 2026 को सभी चिन्हित केंद्रों पर बीएलओ उपस्थित रहेंगे। इस दौरान, केवल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जमा किए गए वैध दस्तावेजों के आधार पर ही नए नाम जोड़े जाएंगे। यह स्पष्ट किया गया है कि इस प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड को वैध दस्तावेज नहीं माना जाएगा।
नाम जुड़वाने के लिए निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, भूमि पर्चा और वंशावली जैसे दस्तावेजों को मान्य किया जाएगा। बीडीओ ने बैठक में विशेष रूप से युवाओं को मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। साथ ही, जिन केंद्रों पर लिंगानुपात कम है, वहां महिला मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया गया है।