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18 अक्टू. 2026•
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पांच कांस्टेबलों के भरोसे अमेठी का फायर स्टेशन! आग में जान-माल की सुरक्षा पर उठे सवाल

✍️ रिपोर्टर: ashif 🗓 18 अक्टू. 2026, 09:42 PM 👁 15
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कर्मचारियों की कमी से दमकल वाहनों के संचालन और समय पर राहत पहुंचाने की चुनौती

अमेठी।जिले में आग लगने की घटनाओं के बीच अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की कमी का मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमेठी स्थित फायर स्टेशन महज पांच कांस्टेबलों के भरोसे संचालित हो रहा है। यदि किसी गांव, घर, बहुमंजिला इमारत या किसान की फसल में आग लग जाए, तो सीमित कर्मचारियों के बीच दमकल वाहन लेकर घटनास्थल पर पहुंचना और राहत कार्य करना बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे में अग्निशमन विभाग में रिक्त पदों को भरने और पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध कराने की मांग उठने लगी है।

कई कई वर्षों से भर्ती नहीं होने का दावा

सूत्रों के अनुसार, अग्निशमन विभाग में कई वर्षों से भर्ती नहीं होने की बात कही जा रही है। कर्मचारियों का दावा है कि लंबे समय से नई भर्तियां नहीं होने के कारण विभाग में मानव संसाधन की कमी बनी हुई है। वहीं, अन्य विभागों में भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया चलने के बावजूद अग्निशमन विभाग की स्थिति को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बताई जा रही है।

हालांकि, भर्ती नहीं होने की अवधि और अमेठी फायर स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग के अभिलेखों से होना बाकी है।

दमकल की गाड़ियां कई, लेकिन चालक और कर्मचारी कम होने की शिकायत

अग्निशमन विभाग का काम आपातकालीन सूचना मिलते ही दमकल वाहन के साथ मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाना और लोगों की जान-माल की रक्षा करना है। इसके लिए प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मियों के साथ वाहन चालकों की उपलब्धता भी जरूरी है। कर्मचारियों की कमी होने पर ड्यूटी का प्रबंधन और एक साथ कई घटनाओं पर कार्रवाई करना मुश्किल हो सकता है।

एक कर्मचारी ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब फायर स्टेशन पर ही पर्याप्त कर्मचारी नहीं होंगे, तो आग लगने की घटना के दौरान सभी जिम्मेदारियां कैसे निभाई जाएंगी? उन्होंने सवाल उठाया कि दमकल की गाड़ियों के संचालन के लिए पर्याप्त चालक और आग बुझाने के लिए जरूरी संख्या में कर्मचारी उपलब्ध नहीं होंगे, तो आपातकालीन परिस्थितियों में व्यवस्था पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।

आग बुझाने में देरी हुई तो सबसे पहले विभाग पर उठते हैं सवाल

कर्मचारी का कहना है कि आग लगने की घटनाओं में लोगों की जान और संपत्ति का नुकसान होने पर सबसे पहले अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की खड़ी फसल, घरों और अन्य संपत्तियों में आग लगने पर लोगों को दमकल की टीम से काफी उम्मीदें रहती हैं। लेकिन कर्मचारियों की संख्या कम होने से यदि समय पर सहायता पहुंचाने में परेशानी आती है, तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ सकता है।

आगजनी की घटनाओं में समय पर कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है। शुरुआती दौर में आग पर काबू नहीं पाया गया, तो वह आसपास के घरों, दुकानों और खेतों तक फैल सकती है। इसलिए अग्निशमन विभाग में पर्याप्त कर्मचारी, प्रशिक्षित चालक और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना जनसुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

प्रदेश के अन्य फायर स्टेशनों में भी कमी की चर्चा

सूत्रों का दावा है कि प्रदेश के कई फायर स्टेशन चार से पांच कर्मचारियों के सहारे संचालित हो रहे हैं। हालांकि, पूरे प्रदेश के सभी फायर स्टेशनों की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इससे पहले अप्रैल 2026 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में अमेठी जिले के अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों और संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया गया था। रिपोर्ट में 56 अग्निशमन कर्मियों और नौ चालकों समेत कई पद रिक्त होने की जानकारी दी गई थी। इससे जिले में अग्निशमन व्यवस्था के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं।

सरकार से भर्ती कराने की मांग, कर्मचारियों ने जताई नाराजगी

एक कर्मचारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार को अग्निशमन विभाग की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए, ताकि फायर स्टेशन सुचारु रूप से काम कर सकें। उनका कहना है कि यदि पर्याप्त कर्मचारी ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी जिम्मेदारियों को निभाना मुश्किल होगा।

कर्मचारी ने यहां तक कहा कि सरकार को या तो विभाग में आवश्यक भर्ती करानी चाहिए या फिर मौजूदा व्यवस्था की कमियों पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। उनका यह बयान लंबे समय से कर्मचारियों की कमी को लेकर बनी नाराजगी को दर्शाता है।

अब शासन और विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी

अग्निशमन विभाग सीधे तौर पर लोगों की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा है। ऐसे में अमेठी फायर स्टेशन में स्वीकृत पदों, रिक्त पदों, तैनात कर्मचारियों, उपलब्ध चालकों और दमकल वाहनों की स्थिति की समीक्षा जरूरी है। साथ ही, यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि आपातकालीन परिस्थितियों में स्टेशन पर पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध रखने की क्या व्यवस्था है।

अब देखना होगा कि शासन और विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाते हैं। अमेठी की जनता को उम्मीद है कि अग्निशमन विभाग को पर्याप्त मानव संसाधन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि आग लगने की स्थिति में लोगों को समय पर राहत मिल सके और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।

नीड 24 उल्लखित जानकारी की स्वतंत्रता से पुष्टि नहीं करता
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