📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Navigator334
राजनीति
कोसमी के 5,000 से अधिक आदिवासी भोपाल मार्च, जमीन के पट्टे व मुआवजे की मांग
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 15 अक्टू. 2026, 07:35 PM
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सेहोर के कोसमी गांव के 5,000 से अधिक आदिवासी वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में भोपाल पैदल जा रहे हैं, जमीन के पट्टे और घर‑फ़सल के नुकसान का मुआवजा चाहते हैं।
सेहोर जिले के कोसमी गांव के आदिवासी निवासियों का एक बड़ा समूह 17 अक्टूबर को भोपाल की ओर पैदल यात्रा शुरू कर रहा है। 5,000 से अधिक लोग वन विभाग की हालिया कार्रवाई के विरोध में राजधानी पहुंचकर अपनी जमीन, घर और फसलों के नुकसान की भरपाई की मांग करेंगे।
प्रदर्शकों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष एक याचिका पेश करने का इरादा जताया है, जिसमें वे विवादित वन भूमि पर कानूनी पट्टा और हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि वन विभाग के कदमों से कई परिवार बेघर हो गए हैं और उनकी पारंपरिक आजीविका बाधित हुई है।
स्थानीय प्रशासन को इस मार्च की सूचना दी गई है और पुलिस को भीड़ के प्रबंधन के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश में tribal समुदायों और सरकारी एजेंसियों के बीच भूमि अधिकारों को लेकर बढ़ती टकराव को उजागर करता है।
प्रदर्शकों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष एक याचिका पेश करने का इरादा जताया है, जिसमें वे विवादित वन भूमि पर कानूनी पट्टा और हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि वन विभाग के कदमों से कई परिवार बेघर हो गए हैं और उनकी पारंपरिक आजीविका बाधित हुई है।
स्थानीय प्रशासन को इस मार्च की सूचना दी गई है और पुलिस को भीड़ के प्रबंधन के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश में tribal समुदायों और सरकारी एजेंसियों के बीच भूमि अधिकारों को लेकर बढ़ती टकराव को उजागर करता है।