📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Sachinghai09
Derivative work: Radomian
कृषि
उत्तरी प्रदेश के 2 करोड़ से अधिक किसानों को मिली पीएम‑किसान सीधी आय सहायता
✍️ India Today
🗓 11 सित. 2026, 04:07 PM
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पीएम‑किसान योजना ने उत्तर प्रदेश के 2 करोड़ से अधिक किसानों को सीधी नकद सहायता पहुँचाई, जिससे ग्रामीण आय में वृद्धि हुई।
2019 में शुरू हुई केंद्र सरकार की पीएम‑किसान योजना प्रत्येक योग्य छोटे व सीमांत किसान को सालाना 6,000 रुपये की नकद सहायता देती है। आधार‑संकल्पित बैंक खातों के माध्यम से भुगतान सीधे किसान के खाते में भेजा जाता है, जिससे मध्यस्थों की भूमिका समाप्त हो जाती है।
कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अब 2 करोड़ से अधिक किसान इस योजना के तहत पंजीकृत हैं, जिससे यह राज्य एकल‑राज्य के स्तर पर सबसे बड़ा लाभार्थी बन गया है। सीधे‑लाभ हस्तांतरण (DBT) मॉडल सुनिश्चित करता है कि हर किसान को हर वर्ष पूरी राशि उसके खाते में मिलती रहे।
राज्य अधिकारियों का कहना है कि इस नकद प्रवाह से कई कृषि परिवारों को बीज, उर्वरक और ऋण चुकाने जैसी आवश्यक खर्चों को पूरा करने में मदद मिली है, जिससे ग्रामीण खरीद शक्ति में सुधार हुआ है। योजना की पारदर्शी वितरण प्रणाली को दूरदराज के गांवों में वित्तीय समावेशन बढ़ाने का भी श्रेय दिया गया है।
सरकार इस वर्ष भी मौजूदा लाभ स्तर को बरकरार रखने और शेष योग्य किसानों को डेटाबेस में शामिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की योजना बना रही है।
कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अब 2 करोड़ से अधिक किसान इस योजना के तहत पंजीकृत हैं, जिससे यह राज्य एकल‑राज्य के स्तर पर सबसे बड़ा लाभार्थी बन गया है। सीधे‑लाभ हस्तांतरण (DBT) मॉडल सुनिश्चित करता है कि हर किसान को हर वर्ष पूरी राशि उसके खाते में मिलती रहे।
राज्य अधिकारियों का कहना है कि इस नकद प्रवाह से कई कृषि परिवारों को बीज, उर्वरक और ऋण चुकाने जैसी आवश्यक खर्चों को पूरा करने में मदद मिली है, जिससे ग्रामीण खरीद शक्ति में सुधार हुआ है। योजना की पारदर्शी वितरण प्रणाली को दूरदराज के गांवों में वित्तीय समावेशन बढ़ाने का भी श्रेय दिया गया है।
सरकार इस वर्ष भी मौजूदा लाभ स्तर को बरकरार रखने और शेष योग्य किसानों को डेटाबेस में शामिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की योजना बना रही है।