📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
राजनीति
इम्फाल में 1 लाख से अधिक लोगों ने प्रॉक्सी युद्ध समाप्ति व SoO समझौते को रद्द करने का प्रदर्शन किया
✍️ The Sangai Express
🗓 01 नव. 2026, 04:56 AM
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इम्फाल, मणिपुर में 1 लाख से अधिक लोगों ने प्रॉक्सी युद्ध समाप्ति और SoO समझौते को रद्द करने की मांग की।
मणिपुर की राजधानी इम्फाल में 1 लाख से अधिक लोगों ने एकत्रित होकर "प्रॉक्सी युद्ध" समाप्ति और SoO समझौते को रद्द करने की मांग की। दर्शकों ने कहा कि यह समझौता बाहरी हस्तक्षेप को बढ़ावा देता है और राज्य की संप्रभुता को कमजोर करता है।
रैली के आयोजकों ने बताया कि यह प्रदर्शन क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के प्रति जनता की निराशा को दर्शाता है। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करके SoO समझौते को समाप्त करने का आग्रह किया।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लोग नारे लगा रहे थे और पोस्टर दिखा रहे थे। बड़ी भीड़ को संभालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई, लेकिन कोई हिंसा की घटना नहीं हुई।
यह रैली नई दिल्ली में नीति निर्माताओं पर दबाव बनाती है, जिससे मणिपुर के रणनीतिक ढाँचे की पुनः समीक्षा की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े सार्वजनिक आंदोलन भविष्य की कूटनीतिक और सुरक्षा नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
स्थानीय समाचार पत्र द संगई एक्सप्रेस ने इस घटना को जनता की गहरी भावना के रूप में उजागर किया, जिससे प्रॉक्सी संघर्ष और SoO समझौते से जुड़ी मूलभूत समस्याओं को सुलझाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
रैली के आयोजकों ने बताया कि यह प्रदर्शन क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के प्रति जनता की निराशा को दर्शाता है। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करके SoO समझौते को समाप्त करने का आग्रह किया।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लोग नारे लगा रहे थे और पोस्टर दिखा रहे थे। बड़ी भीड़ को संभालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई, लेकिन कोई हिंसा की घटना नहीं हुई।
यह रैली नई दिल्ली में नीति निर्माताओं पर दबाव बनाती है, जिससे मणिपुर के रणनीतिक ढाँचे की पुनः समीक्षा की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े सार्वजनिक आंदोलन भविष्य की कूटनीतिक और सुरक्षा नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
स्थानीय समाचार पत्र द संगई एक्सप्रेस ने इस घटना को जनता की गहरी भावना के रूप में उजागर किया, जिससे प्रॉक्सी संघर्ष और SoO समझौते से जुड़ी मूलभूत समस्याओं को सुलझाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।