📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indrajit Das
वायरल
कोलकाता में नागालैंड छात्रों पर recent हमले का वीडियो पुराना साबित
✍️ FactCrescendo
🗓 24 अक्टू. 2026, 01:17 AM
👁 18
कोलकाता में नागालैंड के छात्रों पर recent हमले का दावा करने वाला वीडियो पुराना साबित हुआ, नई घटना का कोई सबूत नहीं।
एक छोटा वीडियो, जिसमें एक टकराव दिखाया गया था, सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया और कैप्शन के साथ यह दावा किया गया कि नागालैंड के छात्रों पर कोलकाता में हाल ही में हमला हुआ है। इस पोस्ट ने तुरंत ही गुस्सा और पुलिस कार्रवाई की मांग को जन्म दिया।
डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने वीडियो को कई साल पहले की रिकॉर्डिंग से जोड़ा, जो किसी भी हालिया घटना से असंबंधित था। फ्रेम‑बाय‑फ़्रेम जांच और मेटाडेटा ने मूल अपलोड तिथि और स्थान को एक अलग शहर के कैंपस इवेंट के रूप में दिखाया, न कि कोलकाता के रूप में।
कोलकाता के स्थानीय पुलिस ने पुष्टि की कि हाल के हफ्तों में नागालैंड के छात्रों पर किसी भी प्रकार के हमले की कोई शिकायत या रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। अधिकारियों ने जनता से सामग्री को साझा करने से पहले सत्यापित करने की अपील की, क्योंकि गलत जानकारी सामाजिक तनाव को बढ़ा सकती है।
यह घटना भारत में वायरल गलत सूचना के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जहाँ झूठी कहानियाँ अक्सर तथ्यात्मक सुधारों से तेज़ी से फैलती हैं, विशेषकर बड़े उपयोगकर्ता आधार वाले प्लेटफ़ॉर्म पर।
डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने वीडियो को कई साल पहले की रिकॉर्डिंग से जोड़ा, जो किसी भी हालिया घटना से असंबंधित था। फ्रेम‑बाय‑फ़्रेम जांच और मेटाडेटा ने मूल अपलोड तिथि और स्थान को एक अलग शहर के कैंपस इवेंट के रूप में दिखाया, न कि कोलकाता के रूप में।
कोलकाता के स्थानीय पुलिस ने पुष्टि की कि हाल के हफ्तों में नागालैंड के छात्रों पर किसी भी प्रकार के हमले की कोई शिकायत या रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। अधिकारियों ने जनता से सामग्री को साझा करने से पहले सत्यापित करने की अपील की, क्योंकि गलत जानकारी सामाजिक तनाव को बढ़ा सकती है।
यह घटना भारत में वायरल गलत सूचना के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जहाँ झूठी कहानियाँ अक्सर तथ्यात्मक सुधारों से तेज़ी से फैलती हैं, विशेषकर बड़े उपयोगकर्ता आधार वाले प्लेटफ़ॉर्म पर।