📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Popdmas43
बिज़नेस
अमेरिकी इरान पर हमले के बाद तेल की कीमतें बढ़ीं, भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर
✍️ HDFC Sky
🗓 03 नव. 2026, 10:31 AM
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अमेरिका द्वारा इरान पर हमले के बाद वैश्विक तेल की कीमतें थोड़ी बढ़ीं, जबकि भारत में ईंधन की कीमतें वही रही।
न्यूयॉर्क – संयुक्त राज्य द्वारा इरान के कुछ लक्ष्यों पर सीमित हमला करने के बाद, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें थोड़ी बढ़ीं। इस कार्रवाई को अधिकारियों ने हालिया उकसावे के जवाब में बताया, जिससे मध्य पूर्व, जो तेल का प्रमुख उत्पादन क्षेत्र है, में आपूर्ति में व्यवधान की चिंता बढ़ी।
हमले के बाद प्रमुख कच्चे तेल के बेंचमार्क अनुबंधों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में जोखिम भावना बढ़ी। विश्लेषकों ने कहा कि यह मूल्य वृद्धि सीमित रही, क्योंकि हमला स्थानीय था और कुल उत्पादन क्षमता पर असर नहीं दिखा।
इसी बीच, भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया, क्योंकि सरकार द्वारा घोषित नवीनतम मूल्य संशोधन चक्र का पालन किया गया। वैश्विक बाजार की प्रतिक्रिया के बावजूद घरेलू ईंधन कीमतों में स्थिरता बनी रही, जो अंतरराष्ट्रीय कीमतों और भारतीय खुदरा मूल्य निर्धारण के बीच समय अंतर को दर्शाती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव बढ़ता रहा तो कीमतों में तेज़ उतार‑चढ़ाव हो सकता है, पर वर्तमान में उपभोक्ताओं को पंप पर कोई तत्काल असर नहीं दिखेगा।
हमले के बाद प्रमुख कच्चे तेल के बेंचमार्क अनुबंधों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में जोखिम भावना बढ़ी। विश्लेषकों ने कहा कि यह मूल्य वृद्धि सीमित रही, क्योंकि हमला स्थानीय था और कुल उत्पादन क्षमता पर असर नहीं दिखा।
इसी बीच, भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया, क्योंकि सरकार द्वारा घोषित नवीनतम मूल्य संशोधन चक्र का पालन किया गया। वैश्विक बाजार की प्रतिक्रिया के बावजूद घरेलू ईंधन कीमतों में स्थिरता बनी रही, जो अंतरराष्ट्रीय कीमतों और भारतीय खुदरा मूल्य निर्धारण के बीच समय अंतर को दर्शाती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव बढ़ता रहा तो कीमतों में तेज़ उतार‑चढ़ाव हो सकता है, पर वर्तमान में उपभोक्ताओं को पंप पर कोई तत्काल असर नहीं दिखेगा।