📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nizzan Cohen
शिक्षा
ओडिशा शिक्षकों ने भुवनेश्वर में लोअर पीएमजी पर 14 दिन का विरोध जारी रखा
✍️ Kanak News Odisha
🗓 30 अग. 2026, 04:36 AM
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ओडिशा के शिक्षकों ने भुवनेश्वर में लोअर पीएमजी कार्यालय के सामने दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन किया है, जो अभी भी जारी है।
भुवनेश्वर, ओडिशा – राज्य की राजधानी में लोअर प्राइमरी मैनेजमेंट ग्रुप (लोअर पीएमजी) कार्यालय के सामने शिक्षकों ने लगातार 14 दिन तक प्रदर्शन किया है। दो हफ्ते पहले शुरू हुआ यह विरोध अभी भी जारी है, जहाँ शिक्षक अपने मुद्दों को लेकर सड़क पर एकत्र हुए हैं।
आंदोलन शांतिपूर्ण रूप से चल रहा है; शिक्षक रोज़ाना परिसर में जमा होकर पर्चे और नारे के माध्यम से अपनी मांगें रख रहे हैं। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नज़र रख रहा है, पर अभी तक कोई आधिकारिक बातचीत या समाधान की घोषणा नहीं की गई है।
यह निरंतर प्रदर्शन ओडिशा के शिक्षकों में बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है और सरकार व शिक्षकों के बीच संवाद की आवश्यकता को उजागर करता है। जैसे-जैसे विरोध का तीसरा हफ्ता शुरू हो रहा है, विशेषज्ञों का मानना है कि समाधान के लिए शिक्षकों के प्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के बीच सीधे वार्ता आवश्यक होगी।
लोअर पीएमजी कार्यालय, जो प्राथमिक शिक्षा के प्रशासन में प्रमुख है, इस आंदोलन का केंद्र बन गया है और मीडिया व जनता का ध्यान आकर्षित कर रहा है। सभी पक्षों से अनुरोध है कि स्कूल संचालन में आगे की बाधा से बचने के लिए सौहार्दपूर्ण समाधान खोजें।
जब तक समझौता नहीं हो जाता, शिक्षक इस स्थल पर अपनी उपस्थिति बनाए रखने का संकल्प रखते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुद्दा अभी भी अनसुलझा है और दो हफ़्ते से अधिक समय तक जारी रह सकता है।
आंदोलन शांतिपूर्ण रूप से चल रहा है; शिक्षक रोज़ाना परिसर में जमा होकर पर्चे और नारे के माध्यम से अपनी मांगें रख रहे हैं। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नज़र रख रहा है, पर अभी तक कोई आधिकारिक बातचीत या समाधान की घोषणा नहीं की गई है।
यह निरंतर प्रदर्शन ओडिशा के शिक्षकों में बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है और सरकार व शिक्षकों के बीच संवाद की आवश्यकता को उजागर करता है। जैसे-जैसे विरोध का तीसरा हफ्ता शुरू हो रहा है, विशेषज्ञों का मानना है कि समाधान के लिए शिक्षकों के प्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के बीच सीधे वार्ता आवश्यक होगी।
लोअर पीएमजी कार्यालय, जो प्राथमिक शिक्षा के प्रशासन में प्रमुख है, इस आंदोलन का केंद्र बन गया है और मीडिया व जनता का ध्यान आकर्षित कर रहा है। सभी पक्षों से अनुरोध है कि स्कूल संचालन में आगे की बाधा से बचने के लिए सौहार्दपूर्ण समाधान खोजें।
जब तक समझौता नहीं हो जाता, शिक्षक इस स्थल पर अपनी उपस्थिति बनाए रखने का संकल्प रखते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुद्दा अभी भी अनसुलझा है और दो हफ़्ते से अधिक समय तक जारी रह सकता है।