📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SpeakingArch
राजनीति
ओडिशा SIR मतदाता सूची में 33,515 नए वोटर, 20 लाख प्रविष्टियों को हटाया गया
✍️ Kanak News Odisha
🗓 11 अक्टू. 2026, 02:02 AM
👁 18
ओडिशा राज्य निर्वाचन आयोग ने 20 लाख पुरानी प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची में 33,515 नए नाम जोड़े हैं।
ओडिशा राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने राज्यव्यापी एकीकृत मतदाता सूची (SIR) में बड़े पैमाने पर संशोधन किया है। लगभग 20 लाख पुरानी या डुप्लिकेट प्रविष्टियों को हटाने के बाद, आयोग ने सूची में 33,515 नए मतदाता जोड़े हैं।
यह सफाई कार्य आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। अधिकारियों ने बताया कि हटाए गए नाम मुख्यतः मृतकों, प्रवासियों और राष्ट्रीय डेटाबेस के साथ मिलान करने पर पाए गए डुप्लिकेट प्रविष्टियों के थे।
30,000 से अधिक नए नामों का जोड़ राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चल रही नामांकन अभियानों का परिणाम है। SEC ने सभी योग्य नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपडेटेड सूची में अपनी जानकारी सत्यापित करें और किसी भी त्रुटि की सूचना दें।
विश्लेषकों का मानना है कि साफ‑सुथरी मतदाता सूची मतदान प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बढ़ाएगी और चुनावी धोखाधड़ी की संभावना को कम करेगी। आयोग नियमित रखरखाव के हिस्से के रूप में सूची को लगातार अपडेट करता रहेगा।
राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है, इसे ओडिशा में पारदर्शी और निष्पक्ष चुनावों की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है।
यह सफाई कार्य आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। अधिकारियों ने बताया कि हटाए गए नाम मुख्यतः मृतकों, प्रवासियों और राष्ट्रीय डेटाबेस के साथ मिलान करने पर पाए गए डुप्लिकेट प्रविष्टियों के थे।
30,000 से अधिक नए नामों का जोड़ राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चल रही नामांकन अभियानों का परिणाम है। SEC ने सभी योग्य नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपडेटेड सूची में अपनी जानकारी सत्यापित करें और किसी भी त्रुटि की सूचना दें।
विश्लेषकों का मानना है कि साफ‑सुथरी मतदाता सूची मतदान प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बढ़ाएगी और चुनावी धोखाधड़ी की संभावना को कम करेगी। आयोग नियमित रखरखाव के हिस्से के रूप में सूची को लगातार अपडेट करता रहेगा।
राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है, इसे ओडिशा में पारदर्शी और निष्पक्ष चुनावों की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है।