📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VIIRS Imagery from NOAA’s Suomi-NPP Satellite
मौसम
ओडिशा में चक्रवात मुरासु के लिए सतर्कता, अर्नब के बाद 6 मौतें
✍️ Mangalore Today
🗓 02 नव. 2026, 09:02 PM
👁 27
ओडिशा ने चक्रवात मुरासु के करीब आते ही आपातकालीन तैयारी शुरू कर ली है, जबकि अर्नब ने छह लोगों की जान ले ली थी।
ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (OSDMA) ने सोमवार को उच्च चेतावनी जारी की है, यह संकेत देते हुए कि चक्रवात मुरासु अगले 48 घंटों में राज्य के पूर्वी तट पर उतरने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान लगाया है कि हवा की गति 120 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है और भारी बारिश से केन्द्रीय, भद्रक और पुरी जैसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
इन चेतावनियों के मद्देनज़र, अधिकारियों ने 150 राहत शिविर सक्रिय कर दिए हैं, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तैनात कर दी हैं और प्रभावित गांवों में खाद्य, पानी और चिकित्सा किट पहले से रखे गए हैं। लगभग 30,000 लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है, तथा तटीय राजमार्गों पर ट्रैफ़िक प्रतिबंध लागू कर निकासी को सुगम बनाया गया है।
यह चेतावनी चक्रवात अर्नब के बाद आई है, जिसने इस सप्ताह के शुरुआती दिनों में छह लोगों की जान ले ली थी। अर्नब ने सीमित क्षति पहुंचाई, पर मुरासु को अधिक गंभीर माना जा रहा है, इसलिए जनता से आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखने और निकासी आदेशों का पालन करने को कहा गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लगातार तूफ़ान की दिशा और तीव्रता पर नजर रखेगा और हर छह घंटे में अपडेट जारी करेगा। निवासियों को आपातकालीन किट तैयार रखने, ढीले सामान को सुरक्षित करने और बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
राज्य के अधिकारियों का मानना है कि समय पर संसाधनों की तैनाती और समुदाय का सहयोग मुरासु के प्रभाव को कम करने में मदद करेगा, जिससे जीवन और संपत्ति की हानि न्यूनतम रहेगी।
इन चेतावनियों के मद्देनज़र, अधिकारियों ने 150 राहत शिविर सक्रिय कर दिए हैं, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तैनात कर दी हैं और प्रभावित गांवों में खाद्य, पानी और चिकित्सा किट पहले से रखे गए हैं। लगभग 30,000 लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है, तथा तटीय राजमार्गों पर ट्रैफ़िक प्रतिबंध लागू कर निकासी को सुगम बनाया गया है।
यह चेतावनी चक्रवात अर्नब के बाद आई है, जिसने इस सप्ताह के शुरुआती दिनों में छह लोगों की जान ले ली थी। अर्नब ने सीमित क्षति पहुंचाई, पर मुरासु को अधिक गंभीर माना जा रहा है, इसलिए जनता से आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखने और निकासी आदेशों का पालन करने को कहा गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लगातार तूफ़ान की दिशा और तीव्रता पर नजर रखेगा और हर छह घंटे में अपडेट जारी करेगा। निवासियों को आपातकालीन किट तैयार रखने, ढीले सामान को सुरक्षित करने और बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
राज्य के अधिकारियों का मानना है कि समय पर संसाधनों की तैनाती और समुदाय का सहयोग मुरासु के प्रभाव को कम करने में मदद करेगा, जिससे जीवन और संपत्ति की हानि न्यूनतम रहेगी।