📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
टेक्नोलॉजी
ओडिशा दल ने भोपाल में सौर संयंत्रों की रात‑समय वोल्टेज नियंत्रण तकनीक का अध्ययन किया
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 27 अक्टू. 2026, 06:19 PM
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ओडिशा सरकार के 16 सदस्यीय दल ने भोपाल के 230 kW मानिट और 2 MW विदिशा सौर संयंत्रों में रात में ग्रिड वोल्टेज नियंत्रित करने वाली तकनीक का निरीक्षण किया।
ओडिशा सरकार ने 16 सदस्यीय दल को भोपाल भेजा, जहाँ मध्य प्रदेश में विकसित की जा रही ऐसी तकनीक को देखा जा रहा है, जिससे सौर संयंत्रों के इन्वर्टर रात के समय ग्रिड वोल्टेज को नियंत्रित कर सकें। यह तकनीक ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए बनाई गई है और इसे 230 kW मानिट तथा 2 MW विदिशा सौर संयंत्रों में परीक्षण किया जा रहा है।
दोनों राज्यों के अधिकारी संचालन डेटा और हार्डवेयर सेट‑अप का मूल्यांकन कर रहे हैं, ताकि इस समाधान को अन्य सौर परियोजनाओं में लागू करने की सम्भावना का आकलन किया जा सके। इस यात्रा का उद्देश्य ओडिशा को समान इन्वर्टर‑आधारित वोल्टेज नियंत्रण अपनाने में मदद करना है, जिससे उसकी नवीकरणीय ऊर्जा ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
दल ने संयंत्रों का स्थल निरीक्षण किया, मध्य प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के इंजीनियरों से चर्चा की और सिस्टम के संभावित प्रदर्शन लाभों पर ब्रीफ़िंग ली। इस पहल के परिणाम ओडिशा के सौर क्षेत्र में भविष्य की नीति और निवेश निर्णयों को दिशा दे सकते हैं।
दोनों राज्यों के अधिकारी संचालन डेटा और हार्डवेयर सेट‑अप का मूल्यांकन कर रहे हैं, ताकि इस समाधान को अन्य सौर परियोजनाओं में लागू करने की सम्भावना का आकलन किया जा सके। इस यात्रा का उद्देश्य ओडिशा को समान इन्वर्टर‑आधारित वोल्टेज नियंत्रण अपनाने में मदद करना है, जिससे उसकी नवीकरणीय ऊर्जा ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
दल ने संयंत्रों का स्थल निरीक्षण किया, मध्य प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के इंजीनियरों से चर्चा की और सिस्टम के संभावित प्रदर्शन लाभों पर ब्रीफ़िंग ली। इस पहल के परिणाम ओडिशा के सौर क्षेत्र में भविष्य की नीति और निवेश निर्णयों को दिशा दे सकते हैं।