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NTPC और BGR कंपनी की मनमानी के खिलाफ स्थानीय रैयत ग्रामीणों का गुस्सा पूरी तरह फूट पड़ा है
NTPC और BGR कंपनी की मनमानी के खिलाफ स्थानीय रैयत ग्रामीणों का गुस्सा पूरी तरह फूट पड़ा है
BIG BREAKING NEWS hazaribagh केरेडारी प्रखंड से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर
रिपोर्टर निरंजन कुमार साव हजारीबाग केरेडारी बेंगवारी
NTPC और BGR कंपनी की मनमानी के खिलाफ स्थानीय रैयत ग्रामीणों का गुस्सा पूरी तरह फूट पड़ा है
केरेडारी, हजारीबाग
कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना या जन-सुनवाई के गांव के मुख्य रास्ते को पोकलेन मशीन लगाकर अचानक काट दिया था।
जैसे ही इस तानाशाही की खबर मिली, सभी रैयत ग्रामीण एकजुट होकर भारी संख्या में मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने न सिर्फ BGR की पोकलेन मशीनों को तुरंत बंद करवाकर काम ठप्प कराया, बल्कि काटे गए रास्ते को खुद मौके पर खड़े होकर दोबारा भरवाया और चलने लायक बनाया
रैयत ग्रामीणों की सख्त और साफ चेतावनी
बिना जानकारी दिए कंपनी की तानाशाही अब केरेडारी में नहीं चलेगी
जब तक कंपनी ग्रामीणों की आवाजाही के लिए एक पक्की और बेहतर वैकल्पिक सड़क बनाकर नहीं देती, तब तक इस मुख्य रास्ते को काटने की हिम्मत कोई नहीं कर सकता
स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते बंद होने से स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की जान पर बन आती है। जब तक स्थायी सड़क का समाधान नहीं होता, तब तक ये रास्ता नहीं काटा जाएगा
संवाददाता: निरंजन कुमार साव
नीड 24 न्यूज, हजारीबाग केरेडारी, बेंगवारी
रिपोर्टर निरंजन कुमार साव हजारीबाग केरेडारी बेंगवारी
NTPC और BGR कंपनी की मनमानी के खिलाफ स्थानीय रैयत ग्रामीणों का गुस्सा पूरी तरह फूट पड़ा है
केरेडारी, हजारीबाग
कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना या जन-सुनवाई के गांव के मुख्य रास्ते को पोकलेन मशीन लगाकर अचानक काट दिया था।
जैसे ही इस तानाशाही की खबर मिली, सभी रैयत ग्रामीण एकजुट होकर भारी संख्या में मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने न सिर्फ BGR की पोकलेन मशीनों को तुरंत बंद करवाकर काम ठप्प कराया, बल्कि काटे गए रास्ते को खुद मौके पर खड़े होकर दोबारा भरवाया और चलने लायक बनाया
रैयत ग्रामीणों की सख्त और साफ चेतावनी
बिना जानकारी दिए कंपनी की तानाशाही अब केरेडारी में नहीं चलेगी
जब तक कंपनी ग्रामीणों की आवाजाही के लिए एक पक्की और बेहतर वैकल्पिक सड़क बनाकर नहीं देती, तब तक इस मुख्य रास्ते को काटने की हिम्मत कोई नहीं कर सकता
स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते बंद होने से स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की जान पर बन आती है। जब तक स्थायी सड़क का समाधान नहीं होता, तब तक ये रास्ता नहीं काटा जाएगा
संवाददाता: निरंजन कुमार साव
नीड 24 न्यूज, हजारीबाग केरेडारी, बेंगवारी