📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / World Economic Forum
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NTPC ने 2047 तक 30 GW परमाणु क्षमता का लक्ष्य तय किया, साइट चयन में जल, भूमि, भूकंपीय सुरक्षा पर जोर
✍️ Livemint
🗓 19 अक्टू. 2026, 08:01 AM
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NTPC ने 2047 तक 30 GW परमाणु क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जिसमें जल उपलब्धता, भूमि उपयुक्तता और भूकंपीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कारकों पर बल दिया गया है।
NTPC लिमिटेड ने 2047 तक अपनी परमाणु शक्ति क्षमता को 30 गीगावाट तक बढ़ाने का रणनीतिक लक्ष्य घोषित किया, जिससे कंपनी की ऊर्जा मिश्रण में योगदान में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इस घोषणा के बाद देशभर के संभावित स्थलों की समीक्षा की गई, जिसमें जल उपलब्धता, पर्याप्त भूमि क्षेत्र और भूकंपीय सुरक्षा को साइट चयन के प्रमुख मानदंड के रूप में रेखांकित किया गया। ये कारक परमाणु प्रतिष्ठानों की दीर्घकालिक व्यवहार्यता और सुरक्षा के लिए आवश्यक माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने से भारत को जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने और बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी, साथ ही पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों का पालन भी होगा। NTPC की योजना सरकार के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है, जो देश की स्वच्छ ऊर्जा रणनीति के हिस्से के रूप में परमाणु क्षमता का विस्तार करना है।
NTPC ने संकेत दिया है कि वह आने वाले महीनों में संभावित स्थलों के लिए विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन शुरू करेगा, ताकि 2047 की समयसीमा के अनुरूप अनुमोदन प्राप्त कर निर्माण योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके।
इस घोषणा के बाद देशभर के संभावित स्थलों की समीक्षा की गई, जिसमें जल उपलब्धता, पर्याप्त भूमि क्षेत्र और भूकंपीय सुरक्षा को साइट चयन के प्रमुख मानदंड के रूप में रेखांकित किया गया। ये कारक परमाणु प्रतिष्ठानों की दीर्घकालिक व्यवहार्यता और सुरक्षा के लिए आवश्यक माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने से भारत को जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने और बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी, साथ ही पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों का पालन भी होगा। NTPC की योजना सरकार के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है, जो देश की स्वच्छ ऊर्जा रणनीति के हिस्से के रूप में परमाणु क्षमता का विस्तार करना है।
NTPC ने संकेत दिया है कि वह आने वाले महीनों में संभावित स्थलों के लिए विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन शुरू करेगा, ताकि 2047 की समयसीमा के अनुरूप अनुमोदन प्राप्त कर निर्माण योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके।