📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramban123
राजनीति
बीयू गेस्ट हाउस के बाहर एनएसयूआई ने दिल्ली जा रहे युवाओं को रोकने पर किया प्रदर्शन
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 09 अक्टू. 2026, 09:15 PM
👁 14
एनएसयूआई ने भोपाल के बारकतुल्ला विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस के बाहर पुलिस द्वारा दिल्ली जाने वाले युवाओं को रोकने के विरोध में प्रदर्शन किया, जिससे पुलिस के साथ धक्का‑मुक्की हुई।
भोपाल – राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने बारकतुल्ला विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस के बाहर पुलिस द्वारा दिल्ली जाने वाले कई युवाओं को रोकने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पर्चे पकड़े और ऐसी नीतियों के विरुद्ध नारों के साथ आवाज़ उठाई कि छात्रों को बिना किसी बाधा के यात्रा करने की अनुमति मिले।
गवाहों के अनुसार, पुलिस ने भीड़ को बिखेरने की कोशिश की, जिससे एक छोटा‑सा धक्का‑मुक्की का मामला उत्पन्न हुआ। एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें धकेला गया और रोक लिया गया, जबकि पुलिस ने कहा कि वह व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्य कर रही थी।
कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने का आग्रह किया गया, जिससे प्रदर्शन कुछ घंटों बाद समाप्त हो गया। यह घटना राज्य में छात्र संगठनों और पुलिस के बीच बढ़ती तनाव को उजागर करती है।
एनएसयूआई ने पुलिस के खिलाफ उत्पीड़न के आरोपों की औपचारिक शिकायत दर्ज करने का इरादा जताया है, जबकि जिला पुलिस ने कहा कि वह घटना की जांच करेगा और यदि कोई दुराचार सिद्ध हुआ तो उचित कार्रवाई करेगा।
इस प्रदर्शन का विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ा, और बाद में कक्षाएँ सामान्य रूप से चल पड़ीं।
गवाहों के अनुसार, पुलिस ने भीड़ को बिखेरने की कोशिश की, जिससे एक छोटा‑सा धक्का‑मुक्की का मामला उत्पन्न हुआ। एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें धकेला गया और रोक लिया गया, जबकि पुलिस ने कहा कि वह व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्य कर रही थी।
कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने का आग्रह किया गया, जिससे प्रदर्शन कुछ घंटों बाद समाप्त हो गया। यह घटना राज्य में छात्र संगठनों और पुलिस के बीच बढ़ती तनाव को उजागर करती है।
एनएसयूआई ने पुलिस के खिलाफ उत्पीड़न के आरोपों की औपचारिक शिकायत दर्ज करने का इरादा जताया है, जबकि जिला पुलिस ने कहा कि वह घटना की जांच करेगा और यदि कोई दुराचार सिद्ध हुआ तो उचित कार्रवाई करेगा।
इस प्रदर्शन का विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ा, और बाद में कक्षाएँ सामान्य रूप से चल पड़ीं।