🔥 TRENDING Leap Launches Dedicated PTE Prep Cours... Telangana Rakes In Rs 5,327 Crore GST... Shivakumar Urges Party Leaders to Repo... School Bus Overturns Near Hoshiyarpur,... ಸುಳ್ಯದಲ್ಲಿ ನಾಳೆ ಗಾಂಧಿ ಜಯಂತಿ ಅಂಗವಾಗಿ ಸ್... Autumn session wasunfournate govt mock...
01 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Local

रूपनगर बाईपास की खस्ताहाल सड़क पर प्रशासन को कानूनी नोटिस, 7 दिन में मरम्मत न होने पर हाईकोर्ट में PIL दायर करने की चेतावनी

✍️ Reporter: Sandeep Kumar Joshi 🗓 01 Oct 2026, 05:20 PM 👁 15
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

रूपनगर बाईपास पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण हो रहे हादसों को लेकर एडवोकेट कमल किशोर शर्मा ने जिला प्रशासन को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी।

रूपनगर (रोपड़) - रूपनगर बाईपास की जर्जर और जानलेवा हालत को लेकर एडवोकेट कमल किशोर शर्मा ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एडवोकेट शर्मा ने डिप्टी कमिश्नर रूपनगर को एक कड़ा कानूनी नोटिस भेजकर 7 दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत (री-कार्पेटिंग) शुरू करवाने की मांग की है। इस नोटिस की प्रतियां मुख्यमंत्री पंजाब, प्रमुख सचिव PWD और विशेष सचिव PWD को भी भेजी गई हैं।

प्रेस से बात करते हुए एडवोकेट कमल किशोर शर्मा ने बताया कि यह बाईपास मार्ग दिल्ली-चंडीगढ़ से जम्मू-कश्मीर और अमृतसर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले कई महीनों से सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण रोजाना दर्जनों गाड़ियों के टायर फट रहे हैं और शॉकर खराब हो रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन इन गड्ढों के कारण बेकाबू होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।

एडवोकेट शर्मा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि सरकार और प्रशासन इस सड़क को ठीक नहीं करवा सकते, तो इसे किसी टोल कंपनी को सौंप दिया जाए, ताकि कम से कम लोगों की गाड़ियां और जानें सुरक्षित रह सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) हर नागरिक को जीवन और सुरक्षा का मौलिक अधिकार देता है। सड़क की मरम्मत न करना प्रशासनिक लापरवाही है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले 7 दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया, तो वह जनहित में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे।
📲Get App