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राजनीति
एनपीएफ ने नागालैंड में राष्ट्रपति शासन के प्रस्ताव को जामिर के खिलाफ खारिज किया
✍️ MokokchungTimes.com
🗓 30 सित. 2026, 05:16 PM
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नागालैंड में राष्ट्रपति शासन के प्रस्ताव पर एनपीएफ ने जामिर के बयान का कड़ा विरोध किया, इसे अनावश्यक कहा।
राष्ट्रीयवादी जन फ्रंट (एनपीएफ) ने जामिर द्वारा नागालैंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने के आह्वान पर कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने यह कहा कि यह मांग समय से पहले है और राज्य की निर्वाचित सरकार के लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध है।
एनपीएफ के नेताओं ने तर्क दिया कि बिना ठोस सबूत के राष्ट्रपति शासन का प्रस्ताव संविधानिक प्रक्रिया को कमजोर करता है और राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक अटकलों के आधार पर ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए।
पार्टी ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह राज्य के निर्वाचित प्रतिनिधियों की अधिकारिता का सम्मान करे और स्पष्ट कारणों के बिना कठोर कदम न उठाए। यह प्रतिक्रिया क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक तनाव के बीच आई है, जहाँ विपक्षी दल इस मुद्दे को बारीकी से देख रहे हैं।
अब तक केंद्र सरकार ने इस विषय में कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं की है, और यह मुद्दा राज्य और केंद्र के बीच विवाद का बिंदु बना हुआ है।
एनपीएफ के नेताओं ने तर्क दिया कि बिना ठोस सबूत के राष्ट्रपति शासन का प्रस्ताव संविधानिक प्रक्रिया को कमजोर करता है और राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक अटकलों के आधार पर ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए।
पार्टी ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह राज्य के निर्वाचित प्रतिनिधियों की अधिकारिता का सम्मान करे और स्पष्ट कारणों के बिना कठोर कदम न उठाए। यह प्रतिक्रिया क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक तनाव के बीच आई है, जहाँ विपक्षी दल इस मुद्दे को बारीकी से देख रहे हैं।
अब तक केंद्र सरकार ने इस विषय में कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं की है, और यह मुद्दा राज्य और केंद्र के बीच विवाद का बिंदु बना हुआ है।