📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of Odisha
राजनीति
NPF ने सबसे अधिक पार्टी बदलें, BJP दूसरा; 2022 से 111 सांसद‑विधायक हुए बदलाव
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 28 सित. 2026, 02:47 AM
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ADR के आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय जन फ़्रंट ने सबसे अधिक विधायकों को अपने पक्ष में लाया, भाजपा दूसरे स्थान पर, जबकि 2022 से 111 सांसद‑विधायक पार्टी बदल चुके हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के एक हालिया विश्लेषण से पता चलता है कि 2022 के बाद से 111 सांसद‑विधायक ने अपनी पार्टी बदल दी है।
राष्ट्रीय जन फ़्रंट (NPF) ने सबसे अधिक विधायकों को अपने पक्ष में लाकर सबसे बड़ा लाभ उठाया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) दूसरे स्थान पर रही।
यह प्रवृत्ति आगामी चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक पुनर्संरेखण को दर्शाती है, जहाँ कई राजनेता अपने चुनावी अवसर या वैचारिक मेल के आधार पर नई पार्टी चुनते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी बदलने से विधायी समीकरण बदल सकते हैं, पर यह मतदाता भरोसे और पार्टी प्रणाली की स्थिरता पर सवाल भी उठाता है। ADR ने इन बदलावों के कारणों को स्पष्ट नहीं किया है, जिससे आगे की जाँच की गुंजाइश बनी रहती है।
ये आंकड़े तब सामने आए हैं जब राष्ट्रीय और राज्य स्तर के चुनाव निकट आ रहे हैं, और इन विधायकों की नई पार्टी सदस्यता गठबंधन और नीति दिशा को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्रीय जन फ़्रंट (NPF) ने सबसे अधिक विधायकों को अपने पक्ष में लाकर सबसे बड़ा लाभ उठाया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) दूसरे स्थान पर रही।
यह प्रवृत्ति आगामी चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक पुनर्संरेखण को दर्शाती है, जहाँ कई राजनेता अपने चुनावी अवसर या वैचारिक मेल के आधार पर नई पार्टी चुनते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी बदलने से विधायी समीकरण बदल सकते हैं, पर यह मतदाता भरोसे और पार्टी प्रणाली की स्थिरता पर सवाल भी उठाता है। ADR ने इन बदलावों के कारणों को स्पष्ट नहीं किया है, जिससे आगे की जाँच की गुंजाइश बनी रहती है।
ये आंकड़े तब सामने आए हैं जब राष्ट्रीय और राज्य स्तर के चुनाव निकट आ रहे हैं, और इन विधायकों की नई पार्टी सदस्यता गठबंधन और नीति दिशा को प्रभावित कर सकती है।