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एनएमसी ने एमबीबीएस प्रवेश में क्षमता को प्राथमिकता दी, विकलांगता पर नहीं
📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
शिक्षा

एनएमसी ने एमबीबीएस प्रवेश में क्षमता को प्राथमिकता दी, विकलांगता पर नहीं

✍️ TOI India 🗓 28 जुल. 2026, 08:34 AM 👁 48
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एमबीबीएस प्रवेश के लिए नई नीति की घोषणा की, जिसमें उम्मीदवारों का मूल्यांकन उनकी शैक्षणिक क्षमता के आधार पर किया जाएगा, न कि विकलांगता स्थिति पर।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने एमबीबीएस प्रवेश के लिए एक नया ढाँचा पेश किया है, जो उम्मीदवारों के शैक्षणिक कौशल पर ज़ोर देता है और विकलांगता स्थिति को गौण मानता है। नई दिशा-निर्देशों के तहत, प्रवेश परीक्षा के परिणाम और शैक्षणिक रिकॉर्ड को प्राथमिक मानदंड के रूप में लिया जाएगा, जबकि विकलांगता को केवल सहायक कारक माना जाएगा।

आयोग ने बताया कि यह बदलाव चिकित्सा शिक्षा में समानता और मेरिटोक्रेसी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से है, ताकि सभी आवेदकों का मूल्यांकन समान आधार पर हो। यह नीति विकलांग छात्रों के लिए समर्थन को समाप्त नहीं करती, बल्कि उन्हें प्रवेश के लिए प्राथमिक मानदंड नहीं बनाती।

नई नियमावली आगामी प्रवेश चक्र से लागू होगी, और एनएमसी ने राज्य चिकित्सा परिषदों से आग्रह किया है कि वे अपनी चयन प्रक्रियाओं को उसी के अनुरूप अपडेट करें। इस कदम को कई छात्र संघों ने सराहा है, जो मानते हैं कि मेरिट‑आधारित प्रणाली चिकित्सा करियर के लिए आवश्यक क्षमताओं को बेहतर ढंग से दर्शाती है।
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